केंद्रीय कैबिनेट ने MSMEs के लिए क्रेडिट एक्सेस (credit access) बढ़ाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए SIDBI में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी इन्फ्यूजन (equity infusion) को मंजूरी दी है
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चर्चा में क्यों
केंद्रीय कैबिनेट ने MSMEs के लिए क्रेडिट एक्सेस (credit access) बढ़ाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए SIDBI में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी इन्फ्यूजन (equity infusion) को मंजूरी दी है।
पृष्ठभूमि
केंद्रीय कैबिनेट ने स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी पूंजी डालने को मंजूरी दी है। इस फंडिंग को तीन किस्तों में विभाजित किया गया है: जिसमें वर्ष 2025-26 में ₹3,000 करोड़ और वर्ष 2026-27 तथा 2027-28 में ₹1,000 करोड़씩 दिए जाएंगे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाSIDBI: स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया।
- तथ्यकुल स्वीकृत इक्विटी इन्फ्यूजन (Equity Infusion): ₹5,000 करोड़।
- तथ्यलक्ष्य MSMEs: 2027-28 तक 76.26 लाख से बढ़ाकर 102 लाख करना।
- तथ्यरोजगार लक्ष्य: लगभग 1.12 करोड़ नौकरियों का सृजन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: SIDBI जैसे विशिष्ट वित्तीय संस्थानों में लक्षित पूंजी निवेश किस प्रकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के विकास को उत्प्रेरित कर सकता है और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- क्रेडिट गैप: सूक्ष्म उद्यमों के लिए उच्च कोलैटरल की ज़रूरत और फॉर्मल क्रेडिट हिस्ट्री की कमी को दूर करना
- एम्प्लॉयमेंट मल्टीप्लायर: अतिरिक्त श्रम को सोखने और ग्रामीण से शहरी पलायन के दबाव को कम करने के लिए MSME ग्रोथ का लाभ उठाना
- संस्थागत भूमिका: लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग देने में SIDBI का मैंडेट बनाम कमर्शियल बैंक का शॉर्ट-टर्म लेंडिंग
मुख्य शब्द: पूंजी का निवेश · MSME फाइनेंसिंग · समावेशी विकास · क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी · रोज़गार सृजन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।