कर्नाटक ने गिग वर्कर्स (Gig workers) को सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स वेलफेयर डेवलपमेंट बोर्ड (Gig workers’ welfare development board) की स्थापना की है
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक ने गिग वर्कर्स (Gig workers) को सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स वेलफेयर डेवलपमेंट बोर्ड (Gig workers’ welfare development board) की स्थापना की है।
पृष्ठभूमि
कर्नाटक सरकार ने विशेष रूप से प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (Gig Workers) के लिए एक कल्याण विकास बोर्ड की स्थापना की है। इस पहल का उद्देश्य ऐप-आधारित परिवहन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सुरक्षा से संबंधित लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यकर्नाटक प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (gig workers) के लिए समर्पित कल्याण विकास बोर्ड स्थापित करने वाला पहला राज्य है।
- संस्थाइंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) गिग वर्कर्स (gig workers) के लिए एक प्रतिनिधि संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में गिग श्रमिकों के लिए एक समर्पित सामाजिक सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए, साथ ही प्लेटफॉर्म की लाभप्रदता और श्रमिकों के कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों पर प्रकाश डालिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- फंडिंग सस्टेनेबिलिटी: क्या वेलफेयर फीस लंबे समय के सोशल सिक्योरिटी खर्चों को पूरा कर पाएगी, इस पर चिंता
- रेगुलेटरी पहचान: गिग वर्कर्स को अनौपचारिक स्थिति से निकालकर कानूनी सुरक्षा के साथ मान्यता प्राप्त इकाई बनाना
- प्रतिनिधित्व का अंतर: कल्याण बोर्ड के शासन में श्रमिकों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: गिग इकोनॉमी · सामाजिक सुरक्षा · प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स · श्रम अधिकार · वेलफेयर बोर्ड
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
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