IEEE द्वारा वित्तपोषित NITK कर्नाटक ने पश्चिमी घाट के एक दूरस्थ क्षेत्र में डिजिटल अंतर (Digital Divide) को कम करने के लिए अगुम्बे में 130 से अधिक फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट कनेक्शन तैनात किए हैं
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चर्चा में क्यों
IEEE द्वारा वित्तपोषित NITK कर्नाटक ने पश्चिमी घाट के एक दूरस्थ क्षेत्र में डिजिटल अंतर (Digital Divide) को कम करने के लिए अगुम्बे में 130 से अधिक फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट कनेक्शन तैनात किए हैं।
पृष्ठभूमि
इस परियोजना का नेतृत्व NITK के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहित पी. ताहिलियानी ने किया और इसे IEEE Communication Society और IEEE Tech4Good द्वारा वित्तपोषित किया गया। इसमें अगुम्बे में 130 से अधिक फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन स्थापित किए गए, जिन्हें अत्यधिक मौसम को सहने और पारिस्थितिक प्रभाव को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानअगुम्बे: पश्चिमी घाट में स्थित एक दूरस्थ गाँव जो भारी वर्षा के लिए जाना जाता है।
- विज्ञान-तकनीकAgumbe प्रोजेक्ट में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन (Fiber optic connections) का उपयोग किया जाता है।
- संस्थाNITK: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (National Institute of Technology Karnataka), इस प्रोजेक्ट के लिए लीड संस्थान।
- तथ्यइस प्रोजेक्ट में 130 से अधिक फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट कनेक्शन लगाए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण विकास के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी को एक आवश्यक बुनियादी ढांचे के रूप में मान्यता देने और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को पाटने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: भारी बारिश वाले इलाकों में भरोसेमंद कम्युनिकेशन की कमी से स्वास्थ्य और शिक्षा प्रभावित
- इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: पश्चिमी घाट में फाइबर ऑप्टिक बिछाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- नीतिगत आवश्यकता: दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट को बुनियादी सुविधा मानने के लिए औपचारिक फ्रेमवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: डिजिटल डिवाइड · आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर · ग्रामीण कनेक्टिविटी · पारिस्थितिक संवेदनशीलता · दूरसंचार
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