राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया
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चर्चा में क्यों
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया।
पृष्ठभूमि
ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत 18 दिवसीय मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। यह मिशन ISRO, NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (European Space Agency) के बीच एक साझा प्रयास था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय।
- तथ्यAxiom-4 मिशन की अवधि: 18 दिन।
- संस्थाISRO, NASA और European Space Agency ने Axiom-4 मिशन पर सहयोग किया।
- तथ्यशुभंशु शुक्ला के पास 2,000 से अधिक घंटों का फ्लाइट एक्सपीरियंस (flight experience) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अक्सिओम-4 (Axiom-4) जैसे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं और तकनीकी संप्रभुता को बढ़ाने में किस प्रकार महत्वपूर्ण हैं, चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: सहयोगी स्पेस मिशन और स्वदेशी तकनीकी विकास के बीच संतुलन
- मानव अंतरिक्ष उड़ान: लंबी अवधि के ऑर्बिटल मिशन और चंद्र अन्वेषण के लिए भारत की क्षमताओं को बढ़ाना
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · अंतरराष्ट्रीय सहयोग · मानव अंतरिक्ष उड़ान · तकनीकी संप्रभुता · एक्सियम-4 मिशन
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।