आंध्र प्रदेश में मुरसु तूफान का अलर्ट, 120 kmph की रफ्तार से टकराएगा
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते· प्रीलिम्स·
आपदा प्रबंधन और तटीय लचीलापन (Coastal Resilience): आपातकालीन प्रतिक्रिया और बुनियादी ढांचे पर आधारित एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
आंध्र प्रदेश सरकार ने पांच जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, क्योंकि गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरुसु' (Murasu) ओंगोल और नेलोर के बीच लैंडफॉल (landfall) करने की तैयारी में है।
पृष्ठभूमि
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 100 से 110 किमी प्रति घंटा की हवा की गति और 120 किमी प्रति घंटा तक के झोंकों की सूचना दी। सरकार ने 31,000 बिजली के खंभे भेजे और आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) को तैनात किया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानमुरुसु (Murasu) तूफान का लैंडफॉल आंध्र प्रदेश में ओंगोल और नेलोर के बीच हुआ।
- तथ्यमुरुसु (Murasu) तूफान की हवा की गति: 100-110 किमी प्रति घंटा, जिसमें 120 किमी प्रति घंटा तक के झोंके शामिल हैं।
- संस्थाआपातकालीन ऑपरेशंस के लिए National Disaster Response Force (NDRF) तैनात।
- तथ्यआंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 31,000 बिजली के खंभे (electricity poles) भेजे गए।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
मुरुसु तूफान के दौरान इमरजेंसी ऑपरेशंस के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा किस फोर्स को तैनात किया गया था?
- (a)नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF)
- (b)इंडियन कोस्ट गार्ड
- (c)सेंट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF)
- (d)स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF)
उत्तर देखें
उत्तर: (a) नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) — नोट में उल्लेख है कि आपातकालीन ऑपरेशंस के लिए National Disaster Response Force (NDRF) को तैनात किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूर्वी तट पर तीव्र होते चक्रवातीय तूफानों के विरुद्ध तटीय आपदा लचीलेपन (coastal disaster resilience) के प्रबंधन में संस्थागत ढांचे और तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लॉजिस्टिक बॉटलनेक: तेज़ हवाओं के दौरान बिजली के खंभों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की तेज़ी से तैनाती में समस्या
- इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: IMD फोरकास्टिंग और NDRF रैपिड रिस्पॉन्स डिप्लॉयमेंट के बीच तालमेल
- तटीय संवेदनशीलता: आंध्र प्रदेश में गंभीर चक्रवातीय तूफानों का ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर प्रभाव
मुख्य शब्द: चक्रवाती तूफान · आपदा प्रबंधन · तटीय लचीलापन · अर्ली वार्निंग सिस्टम · इंफ्रास्ट्रक्चर की बहाली
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
- 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल एनर्जी का लक्ष्य, नरेंद्र मोदी ने समिट शुरू की · 2 नवंबर 2026
- दिल्ली में AQI 324 के पार, पूरे NCR में लागू हुए Stage-II नियम · 2 नवंबर 2026
- दिल्ली में एयर क्वालिटी 'बहुत खराब', AQI 324 तक पहुंचा · 2 नवंबर 2026
- तमिलनाडु में वाइल्डलाइफ बोर्ड के चेयरमैन होंगे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय · 2 नवंबर 2026
- साइक्लोन मुरसु का आंध्र प्रदेश में असर, सोमवार और मंगलवार के बीच लैंडफॉल की आशंका · 2 नवंबर 2026
- साइक्लोन मुरसु के पास आने से नलगोंडा और नागरकुर्नूल में रेड अलर्ट · 2 नवंबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।