साइक्लोन मुरसु का आंध्र प्रदेश में असर, सोमवार और मंगलवार के बीच लैंडफॉल की आशंका
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तटीय आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience): GS3 और पर्यावरण से संबंधित एक प्रासंगिक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार और मंगलवार के बीच चक्रवात मुरासु के तट से टकराने (landfall) की भविष्यवाणी की है, जिससे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में शुरुआती बारिश हुई है।
पृष्ठभूमि
चक्रवात मुरसु (Cyclone Murasu) ने 2 नवंबर, 2026 को भोगापुरम में 102.49 मिमी बारिश दर्ज की। ए.पी. स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने ओंगोल या उसके आसपास के क्षेत्रों को संभावित लैंडफॉल साइट्स (landfall sites) के रूप में पहचाना।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसाइक्लोन Murasu के शुरुआती चरण के दौरान भोगपुरम में 102.49 mm बारिश दर्ज की गई।
- स्थानसाइक्लोन Murasu आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
- संस्थाए.पी. स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) के समन्वय के लिए राज्य की संस्था है।
- संस्थाइंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) वह एजेंसी है जो लैंडफॉल के समय की भविष्यवाणी के लिए जिम्मेदार है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरसु (Cyclone Murasu) और आपदा प्रबंधन (disaster management) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) चक्रवात के लैंडफॉल के समय की भविष्यवाणी के लिए जिम्मेदार है।
- चक्रवात के शुरुआती चरण के दौरान भोगापुरम में 102.49 mm बारिश दर्ज की गई।
- अनुमान था कि चक्रवात आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में लैंडफॉल (landfall) करेगा।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: चक्रवात आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय आपदा प्रबंधन के समक्ष मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और तीव्र होते उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- अर्ली वार्निंग गैप: ग्रामीण तटीय आबादी तक आखिरी मील के कम्युनिकेशन में देरी
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: तटीय तटबंधों का कटाव और निचले इलाकों में अपर्याप्त ड्रेनेज
- संसाधन जुटाना: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की बाधाएं
मुख्य शब्द: आपदा न्यूनीकरण · अर्ली वार्निंग सिस्टम · तटीय संवेदनशीलता · क्लाइमेट रेजिलिएंस · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।