साइक्लोन मुरसु का खतरा, आंध्र प्रदेश से 30,000 और लोगों को शिफ्ट करने की तैयारी
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते· प्रीलिम्स·
आपदा प्रबंधन और तटीय लचीलापन (Coastal Resilience): निकासी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
ओंगोल के पास तट की ओर चक्रवात मुरसु (Cyclone Murasu) के आने के कारण आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (evacuations) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने 100-110 किमी/घंटा की हवा की गति दर्ज की है, जिसमें हवा के झोंके 120 किमी/घंटा तक पहुंच गए। सोमवार तक लगभग 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि निचले तटीय क्षेत्रों से अतिरिक्त 30,000 निवासियों को स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानओंगोल: आंध्र प्रदेश का तटीय क्षेत्र जो Cyclone Murasu से प्रभावित हुआ।
- तथ्यसाइक्लोन Murasu की हवा की गति: 100-110 किमी/घंटा, जिसमें हवा के झोंके 120 किमी/घंटा तक पहुंच गए।
- तथ्यइवैक्यूएशन टारगेट: निचले तटीय इलाकों से 30,000 अतिरिक्त निवासी।
- संस्थाइंडिया मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट (IMD): हवा की गति और चक्रवात डेटा की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार संस्था।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत में हवा की गति और चक्रवात डेटा की रिपोर्टिंग के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार है?
- (a)सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी
- (b)नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी
- (c)भारतीय मौसम विभाग
- (d)स्पेस एप्लिकेशंस सेंटर
उत्तर देखें
उत्तर: (c) भारतीय मौसम विभाग — इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) हवा की गति और चक्रवात डेटा की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय आपदा प्रबंधन के समक्ष विद्यमान चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और तीव्र होते चक्रवातीय घटनाक्रमों के विरुद्ध सामुदायिक लचीलेपन (community resilience) को बढ़ाने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: निचले तटीय क्षेत्रों में मल्टी-पर्पस साइक्लोन शेल्टर की कमी
- अर्ली वार्निंग की सीमाएं: ग्रामीण तटीय आंध्र प्रदेश में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की समस्याएं
- पारिस्थितिक संवेदनशीलता: तटीय कटाव और मैंग्रोव क्षरण से स्टॉर्म सर्ज का प्रभाव बढ़ रहा है
मुख्य शब्द: आपदा प्रबंधन · तटीय लचीलापन · अर्ली वार्निंग सिस्टम · क्लाइमेट एडैप्टेशन · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
- तमिलनाडु में वाइल्डलाइफ बोर्ड के चेयरमैन होंगे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय · 2 नवंबर 2026
- साइक्लोन मुरसु का आंध्र प्रदेश में असर, सोमवार और मंगलवार के बीच लैंडफॉल की आशंका · 2 नवंबर 2026
- साइक्लोन मुरसु के पास आने से नलगोंडा और नागरकुर्नूल में रेड अलर्ट · 2 नवंबर 2026
- दिल्ली में AQI 314 पहुंचा, सरकार ने लगाए 68.4 लाख रुपये के जुर्माने · 2 नवंबर 2026
- मुरासु चक्रवात से आंध्र प्रदेश में अलर्ट, 110 kmph की रफ्तार से चलेगी हवा · 2 नवंबर 2026
- बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव, चक्रवाती तूफान बनने की आशंका · 1 नवंबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।