भारत के IPO मार्केट में रिकॉर्ड 84,400 करोड़ रुपये की फंडरेज़िंग
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पूंजी जुटाना (Capital mobilization) और प्राथमिक बाजार की गहराई (Primary market depth): GS3 का एक महत्वपूर्ण आर्थिक विकास विषय।
चर्चा में क्यों
ग्रैंट थॉर्नटन भारत (Grant Thornton Bharat) ने रिपोर्ट दी है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) के दौरान भारत के IPO मार्केट में रिकॉर्ड 84,400 करोड़ रुपये की फंडरेजिंग हुई, जो दूसरी तिमाही में आई भारी तेजी से प्रेरित थी।
पृष्ठभूमि
भारत के IPO बाजार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) में 84,400 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें से 94% पूंजी केवल दूसरी तिमाही (Q2) में ही प्राप्त हुई। वित्त सेवाओं की कंपनियों ने पहली छमाही के दौरान जुटाई गई कुल पूंजी में 43% का हिस्सा दर्ज किया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यFY27 की पहली छमाही (H1) में कुल IPO फंडरेजिंग 84,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
- तथ्यFY27 की पहली छमाही (H1) में 71 मुख्य बोर्ड कंपनियों (mainboard companies) ने पब्लिक मार्केट्स में प्रवेश किया।
- तथ्यFY27 की पहली छमाही (H1) में कुल जुटाए गए कैपिटल में फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की हिस्सेदारी 43% थी।
- तथ्यCapital goods कंपनियों ने 15 IPOs के साथ इश्यू वॉल्यूम (issuance volumes) में सबसे आगे रहीं।
- तथ्यघरेलू संस्थागत निवेशकों (Domestic institutional investors) ने FY27 की Q2 में 1,69,400 करोड़ रुपये का नेट इक्विटी इनफ्लो (net equity inflows) दर्ज किया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
H1 FY27 में भारत के IPO मार्केट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (Domestic institutional investors) ने FY27 की Q2 में 1,69,400 करोड़ रुपये का नेट इक्विटी इनफ्लो (net equity inflows) दर्ज किया।
- वित्त वर्ष के पहले छमाही के दौरान कुल IPO फंडरेजिंग (fundraising) 84,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
- FY27 की पहली छमाही (H1) में कुल जुटाए गए कैपिटल में फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की हिस्सेदारी 50% रही।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: उन्होंने कुल जुटाए गए पूंजी का 43% हिस्सा शामिल किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बेंचमार्क सूचकांकों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के घरेलू प्राथमिक इक्विटी बाजार की बढ़ती गहराई और लचीलेपन में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- घरेलू लिक्विडिटी: घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से इक्विटी में भारी नेट इनफ्लो ने मार्केट इंडेक्स की अस्थिरता के खिलाफ बफर दिया
- सेक्टोरल कंसंट्रेशन: फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स में भारी कैपिटल मोबिलाइजेशन विशिष्ट इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स को दर्शाता है
- रिटेल भागीदारी: रिटेल ओवरसब्सक्रिप्शन के बढ़ते स्तर से निवेशकों के आधार में विस्तार और मार्केट डेप्थ में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है
मुख्य शब्द: प्राइमरी मार्केट · IPO · पूंजी जुटाना · घरेलू संस्थागत निवेशक · रिटेल ओवरसब्सक्रिप्शन · मार्केट डेप्थ
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।