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भाग I · स्था. 11.2025 
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एयरलाइंस के लिए सरकार के पास अब एयर फेयर पर लिखित आदेश देने की पावर

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नियामक हस्तक्षेप बनाम बाजार मूल्य निर्धारण: उपभोक्ता संरक्षण पर एक GS3 और एथिक्स (Ethics) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

केंद्र सरकार ने भारतीय विमानन अधिनियम, 2024 (Bharatiya Vayuyan Adhiniyam, 2024) के तहत नियमों को अधिसूचित किया है, जो सरकार को असाधारण स्थितियों के दौरान एयरलाइंस को हवाई किराए के संबंध में लिखित निर्देश जारी करने की अनुमति देता है।

पृष्ठभूमि

एस. लक्ष्मणनारायण द्वारा दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) के बाद, इन नियमों को 31 अक्टूबर, 2026 को अधिसूचित किया गया था। एयरलाइंस के लिए यह अनिवार्य है कि वे डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को टैरिफ जमा करें और बेस फेयर (Base Fares) तथा टैक्स का ऑनलाइन ब्रेकडाउन प्रकाशित करें।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकभारतीय विमानन अधिनियम (Bharatiya Vayuyan Adhiniyam), 2024: यह एयरलाइन किराया दिशा-निर्देशों (airline fare directions) के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क प्रदान करता है।
  • संस्थाडायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA): वह संस्था जिसे एयरलाइंस को टैरिफ (tariffs) जमा करने होते हैं।
  • तथ्यएयरलाइंस को बेस फेयर (base fares) और टैक्स का विस्तृत ब्रेकडाउन ऑनलाइन प्रकाशित करना होगा।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारतीय विमानन अधिनियम (Bharatiya Vayuyan Adhiniyam), 2024 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. एयरलाइन्स को बेस फेयर (base fares) और टैक्स का ऑनलाइन ब्रेकडाउन पब्लिश करना अनिवार्य है।
  2. असाधारण स्थितियों के दौरान केंद्र सरकार एयरलाइन्स को एयर फेयर्स (air fares) के संबंध में लिखित निर्देश जारी कर सकती है।
  3. एयरलाइंस को अपने टैरिफ वित्त मंत्रालय को जमा करने होते हैं।
  1. (a)केवल 1 और 2
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: एयरलाइंस को DGCA के डायरेक्टर जनरल को टैरिफ (tariffs) जमा करने होते हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: असाधारण परिस्थितियों के दौरान उपभोक्ता हितों की रक्षा हेतु विमानन क्षेत्र में बाजार-संचालित मूल्य निर्धारण और सरकारी हस्तक्षेप के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज्म और सार्वजनिक हित में हस्तक्षेप करने की राज्य की शक्ति के बीच संतुलन
  • पारदर्शिता का आदेश: यात्रियों के लिए जानकारी की कमी कम करने पर अनिवार्य ऑनलाइन किराया ब्रेकडाउन का प्रभाव

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · कीमत हस्तक्षेप · उपभोक्ता संरक्षण · सूचना की असमानता · जनहित याचिका

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेश

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।