भारत का डेसेंट वर्क इंडेक्स बढ़ा, लेकिन 90% वर्कफोर्स अब भी अनौपचारिक
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· रोज़गार एवं समावेशी विकास· प्रीलिम्स + मेन्स·
श्रम बाजार की गतिशीलता और नौकरियों की गुणवत्ता: अनौपचारिक अर्थव्यवस्था (Informal Economy) से संबंधित GS3 का एक प्रमुख विषय।
चर्चा में क्यों
अनुकृति नेगी और अन्य द्वारा किए गए एक अध्ययन में 'पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे' (Periodic Labour Force Survey) का विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन में बताया गया है कि हालांकि भारत का 'डिसेंट वर्क इंडेक्स' (Decent Work Index) बढ़कर 0.302 हो गया है, लेकिन 90% कार्यबल अभी भी अनौपचारिक रोजगार (informal employment) में शामिल है।
पृष्ठभूमि
इस अध्ययन में पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (Periodic Labour Force Survey) के आंकड़ों का उपयोग करके भारत के श्रम बाजार का विश्लेषण किया गया है। इसमें 'डिसेंट वर्क इंडेक्स' (Decent Work Index) में 2017-18 में 0.247 से बढ़कर 2023-24 में 0.302 होने की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यडिसेंट वर्क इंडेक्स (Decent Work Index): 2017-18 में 0.247 से बढ़कर 2023-24 में 0.302 हो गया।
- तथ्यअनौपचारिक रोजगार (Informal employment): भारतीय कार्यबल का लगभग 90% हिस्सा अनौपचारिक क्षेत्र (Informal sector) में बना हुआ है।
- संस्थापीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (Periodic Labour Force Survey): जॉब क्वालिटी और लेबर मार्केट ट्रेंड्स को मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्राथमिक स्रोत।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत के लेबर मार्केट (labor market) और डिसेंट वर्क इंडेक्स (Decent Work Index) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- Decent Work Index 2017-18 में 0.247 से बढ़कर 2023-24 में 0.302 हो गया।
- वर्तमान में भारतीय कार्यबल (workforce) का लगभग 90% हिस्सा इन्फॉर्मल सेक्टर (informal sector) में कार्यरत है।
- 2023-24 में Decent Work Index बढ़कर 0.302 हो गया, जबकि 50% वर्कफोर्स (workforce) अभी भी इनफॉर्मल (informal) क्षेत्र में है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: लगभग 90% कार्यबल (workforce) अभी भी इन्फॉर्मल सेक्टर (informal sector) में है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विशाल अनौपचारिक कार्यबल को 'सभ्य कार्य' (decent work) और रोजगार की गुणवत्ता के मानकों की ओर स्थानांतरित करने में निहित संरचनात्मक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- स्ट्रक्चरल बॉटलनेक: अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर्स में लेबर का भारी जमावड़ा जहाँ सोशल सिक्योरिटी और फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट्स की कमी है
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से रोज़गार पैदा करने और फॉर्मलाइजेशन की सख्त रेगुलेटरी शर्तों के बीच संतुलन बनाना
- संस्थागत अंतर: 90% इनफॉर्मल वर्कफोर्स के लिए लेबर प्रोटेक्शन का सीमित कार्यान्वयन
मुख्य शब्द: डिसेंट वर्क इंडेक्स · अनौपचारिक अर्थव्यवस्था · नौकरी की क्वालिटी · लेबर मार्केट डायनेमिक्स · सामाजिक सुरक्षा
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
- बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू, अश्विनी वैष्णव ने किया फ्लैग ऑफ · 1 नवंबर 2026
- आंध्र प्रदेश में अक्टूबर में सबसे ज़्यादा टैक्स कलेक्शन, AI से हुई बड़ी ग्रोथ · 1 नवंबर 2026
- अक्टूबर में GST कलेक्शन में 23 फीसदी का उछाल, 2.31 लाख करोड़ से ज्यादा जमा · 1 नवंबर 2026
- कर्नाटक में मैरीन बायोटेक्नोलॉजी पॉलिसी को मंजूरी, मंगलूरु में सीटें बढ़कर 200 होंगी · 1 नवंबर 2026
- सेंटर ने जारी किए 1.09 लाख करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश को सबसे ज़्यादा हिस्सा · 1 नवंबर 2026
- EV चार्जिंग और बैटरी-स्वैपिंग के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने साइन किया MoU · 31 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।