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भाग I · स्था. 11.2025 
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त्रिपुरा में पहला टी ऑक्शन सेंटर शुरू, मार्केटिंग का समय 40% कम होगा

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छोटे किसानों के लिए लॉजिस्टिक्स और वैल्यू चेन (Value Chain) में सुधार: GS3 कृषि और ग्रामीण विकास का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरखाबस्ती में राज्य के पहले टी ऑक्शन सेंटर (tea auction centre) का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य स्थानीय चाय उत्पादकों के लिए मार्केटिंग लागत को कम करना और मार्केटिंग की अवधि को छोटा करना है।

पृष्ठभूमि

पंडित नेहरू कॉम्प्लेक्स में स्थित नया केंद्र वर्तमान 44 दिनों की मार्केटिंग अवधि को लगभग 40 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखता है। त्रिपुरा में सालाना 90 लाख से एक करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन होता है, जिसमें 54 बड़े गार्डन और 2,800 छोटे उत्पादक शामिल हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानगुरखाबस्ती, त्रिपुरा: इस राज्य के पहले टी ऑक्शन सेंटर (tea auction centre) का स्थान।
  • तथ्यत्रिपुरा पूर्वोत्तर में दूसरा और भारत में चाय नीलामी केंद्र (tea auction centre) वाला पांचवां राज्य है।
  • तथ्यत्रिपुरा में छोटे चाय उत्पादक राज्य के कुल चाय उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
  • संस्थाTTDCL (Tripura Tea Development Corporation Limited): चाय बागानों और नए ऑक्शन सेंटर (Auction Centre) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार संस्था।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

त्रिपुरा में चाय उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. राज्य के कुल चाय उत्पादन में छोटे चाय उत्पादक लगभग 50 प्रतिशत का हिस्सा रखते हैं।
  2. त्रिपुरा भारत का पांचवां राज्य है जहाँ चाय नीलामी केंद्र (tea auction centre) है।
  3. नए ऑक्शन सेंटर का लक्ष्य मार्केटिंग पीरियड को 10 प्रतिशत तक कम करना है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 2 — स्टेटमेंट 2 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: छोटे चाय उत्पादक राज्य के कुल चाय उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। स्टेटमेंट 3 गलत है: केंद्र का लक्ष्य मार्केटिंग पीरियड (marketing period) को लगभग 40 प्रतिशत कम करना है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में लघु चाय उत्पादकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में स्थानीय नीलामी केंद्रों की स्थापना किस प्रकार सहायक हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: ट्रांसपोर्टेशन लागत में कमी और स्थानीय उत्पादों के लिए 40% तेज़ मार्केटिंग साइकिल
  • मार्केट इंटीग्रेशन: क्षेत्रीय ऑक्शन हब्स में बाहरी खरीदारों और ब्रोकरेज फर्म्स को आकर्षित करने में चुनौतियां
  • छोटे किसानों का सशक्तिकरण: छोटे उत्पादकों को खंडित बिक्री से हटाकर एक कॉमन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ना

मुख्य शब्द: वैल्यू चेन · लॉजिस्टिक्स · छोटे किसान · बाज़ार एकीकरण · इंफ्रास्ट्रक्चर

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।