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भाग I · स्था. 11.2025 
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मक्का और गन्ने से बनेंगे बायो-पॉलिमर की बोतलें, CSIR-NIIST ने किया समझौता

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बायो-पॉलिमर टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल पैकेजिंग: GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यावरण से संबंधित एक प्रासंगिक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

CSIR-NIIST ने मृदा पॉलिमर (Mridaa Polymers) के साथ एक MOU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि मकॉर्न और गन्ने जैसे कृषि फीडस्टॉक (feedstocks) से बने बायो-पॉलिमर आधारित बोतलों का व्यावसायीकरण किया जा सके।

पृष्ठभूमि

तिरुवनंतपुरम स्थित CSIR-NIIST ने मौजूदा PET इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुकूल बायोडिग्रेडेबल (biodegradable) बोतलों को विकसित किया है। यह तकनीक मकौर्न, गन्ना, कसावा या शुगर बीट को फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करती है और इसे नई दिल्ली में आयोजित ESTIC 2026 में प्रदर्शित किया गया था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यबायो-पॉलिमर फीडस्टॉक्स (Bio-polymer feedstocks): कॉर्न, गन्ना, कसावा और शुगर बीट।
  • विज्ञान-तकनीकविकसित बायोडिग्रेडेबल बोतलें मौजूदा PET (Polyethylene Terephthalate) इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अनुकूल (compatible) हैं।
  • स्थानESTIC 2026: नई दिल्ली में प्रदर्शनी आयोजित की गई।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

CSIR-NIIST द्वारा विकसित बायो-पॉलिमर बोतलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस तकनीक को मुंबई में आयोजित ESTIC 2026 प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया था।
  2. बायोडिग्रेडेबल बोतलें मौजूदा PET इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ अनुकूल (compatible) हैं।
  3. यह तकनीक कॉर्न (corn), गन्ना, कसावा (cassava) और शुगर बीट (sugar beet) जैसे फीडस्टॉक्स (feedstocks) का उपयोग करती है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: यह प्रदर्शनी नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित की गई थी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में बायो-पॉलिमर प्रौद्योगिकियों की क्षमता का विश्लेषण कीजिए, साथ ही औद्योगिक मापनीयता और मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ उनकी अनुकूलता सुनिश्चित करने से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: मौजूदा PET मशीनरी के साथ तालमेल से निर्माताओं का कैपिटल एक्सपेंडिचर कम होगा
  • फीडस्टॉक सुरक्षा: बायो-पॉलीमर्स की औद्योगिक मांग और म**
  • वेस्ट मैनेजमेंट: लीनियर प्लास्टिक यूज़ से बायोडिग्रेडेबल सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: बायो-पॉलिमर · सस्टेनेबल पैकेजिंग · सर्कुलर इकोनॉमी · इंडस्ट्रियल स्केलेबिलिटी · बायोडिग्रेडेबल टेक्नोलॉजी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।