आंध्र प्रदेश में अर्नब चक्रवात का अलर्ट, 1970 के बाद सबसे खतरनाक तूफान की आशंका
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तटीय आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience): GS3 पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Environment and Ecology) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश के लिए 'अरब' (Arnab) नामक एक संभावित 'वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' (Very Severe Cyclonic Storm) की चेतावनी जारी की है।
पृष्ठभूमि
अर्नव की गति 140 किमी प्रति घंटा तक पहुँचने का अनुमान है। 1970 के बाद से इस क्षेत्र में आने वाले यह 11वें 'वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' (Very Severe Cyclonic Storm) होने की संभावना है। इससे पहले इस क्षेत्र में तितली (2018) और हुदहुद (जिसकी गति 181.6 किमी प्रति घंटा तक पहुँच गई थी) जैसे चक्रवात आए हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यअर्णब: 140 किमी प्रति घंटा (kmph) की अनुमानित हवा की गति।
- तथ्यहुदहुद: दर्ज की गई हवा की गति 181.6 किमी प्रति घंटा (kmph) रही।
- स्थानआंध्र प्रदेश: अर्नब (Arnab) तूफान के प्रभाव का सामना करने वाला प्राथमिक राज्य।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
समाचारों में वर्णित चक्रवाती तूफानों (cyclonic storms) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अरब चक्रवात (Arnab cyclone) की हवा की गति 140 किमी प्रति घंटा (kmph) तक पहुँचने का अनुमान है।
- अर्नब स्टॉर्म (Arnab storm) के क्षेत्र में 1970 के बाद आने वाला 15वां वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म (Very Severe Cyclonic Storm) होने की उम्मीद है।
- हुदहुद चक्रवात में 181.6 किमी प्रति घंटा की हवा की गति दर्ज की गई।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (d) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: यह 1970 के बाद से 11वां Very Severe Cyclonic Storm होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय आपदा प्रबंधन के समक्ष मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और अत्यधिक गंभीर चक्रवातीय तूफानों के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: आंध्र प्रदेश में तटीय कटाव और कमज़ोर घरों को नुकसान
- अर्ली वार्निंग गैप: हाई-वेलोसिटी विंड इवेंट्स के दौरान लास्ट-माइल कम्युनिकेशन में चुनौतियां
- इकोलॉजिकल बफर का नुकसान: तटीय विकास का प्राकृतिक मैंग्रोव और सैंड ड्यून सुरक्षा पर प्रभाव
मुख्य शब्द: चक्रवाती तूफान · आपदा न्यूनीकरण · अर्ली वार्निंग सिस्टम · तटीय संवेदनशीलता · क्लाइमेट रेजिलिएंस
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।