वोट देने के अधिकार पर उजाल भुयान का बड़ा बयान, आर्टिकल 14 और 326 का उल्लंघन
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न्यायिक मर्यादा और संवैधानिक अधिकार: न्यायिक टिप्पणी की सीमाओं पर एक GS2 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
जस्टिस उज्जल भुयान ने स्पष्ट किया कि बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 326 का उल्लंघन है। इस टिप्पणी ने न्यायिक शुचिता और विचाराधीन मामलों (sub judice matters) पर न्यायिक टिप्पणी की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ दी है।
पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति उज्जल भुयान ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में मतदान के संवैधानिक अधिकार और 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950' (Representation of the People Act, 1950) के संबंध में व्याख्यान दिया। इस चर्चा में 'रेस्टेटमेंट ऑफ वैल्यूज ऑफ ज्यूडिशियल लाइफ' (Restatement of Values of Judicial Life) (7 मई, 1997) पर प्रकाश डाला गया, जो न्यायाधीशों को लंबित मामलों पर सार्वजनिक बहस करने से प्रतिबंधित करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकRepresentation of the People Act, 1950 की धारा 22: मृत्यु के मामलों को छोड़कर, मतदाता सूची से किसी का नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई की आवश्यकता होती है।
- संस्थान्यायिक जीवन के मूल्यों का पुन: कथन (Restatement of Values of Judicial Life): न्यायिक आचरण के लिए दिशा-निर्देश देने हेतु सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट द्वारा 7 मई, 1997 को अपनाया गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
किस एक्ट (Act) के तहत मृत्यु के मामलों को छोड़कर, मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई की आवश्यकता होती है?
- (a)सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
- (b)जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
- (c)मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988
- (d)कंपनी एक्ट, 2013
उत्तर देखें
उत्तर: (b) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 — Representation of the People Act, 1950 की धारा 22 के अनुसार, मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने से पहले नोटिस देना और सुनवाई करना अनिवार्य है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संवैधानिक मामलों में मानवीय परिणामों के साथ न्यायिक जुड़ाव की आवश्यकता और एक न्यायाधीश के निष्पक्ष बने रहने के कर्तव्य के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोध का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- न्यायिक शालीनता: मानवाधिकारों के लिए सार्वजनिक वकालत और सब जुडाइस मामलों पर टिप्पणी करने पर रोक के बीच टकराव
- संवैधानिक अखंडता: संविधान के बेसिक स्ट्रक्चर के एक अभिन्न हिस्से के रूप में वोट देने के अधिकार की स्थिति
- प्रक्रियात्मक सुरक्षा: मनमानी रूप से मताधिकार छीनने से रोकने के लिए रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के तहत उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: न्यायिक शिष्टाचार · विचाराधीन · बेसिक स्ट्रक्चर · ड्यू प्रोसेस · समानता · न्यायिक निष्पक्षता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।