तेल की कीमतें बढ़ने से RBI ने 23,000 करोड़ के ट्रेजरी बिलों की सभी बिड्स रिजेक्ट की
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मौद्रिक नीति और ऋण बाजार की गतिशीलता: कमोडिटी की कीमतों के प्रभावों पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ₹23,000 करोड़ की ट्रेजरी बिल नीलामी में सभी बोलियों को खारिज कर दिया। इसका कारण तेल की कीमतों का $110 प्रति बैरल से अधिक होना था, जिससे यील्ड (Yield) की बोलियां काफी बढ़ गई थीं।
पृष्ठभूमि
RBI ने 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन के ट्रेजरी बिलों के माध्यम से ₹23,000 करोड़ जुटाने के उद्देश्य से आयोजित एक नीलामी को रद्द कर दिया है। RBL बैंक के हेड ऑफ ट्रेजरी सहित बाजार विश्लेषकों ने सुझाव दिया है कि यह कदम दिसंबर में ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यRBI ने बुधवार को ₹23,000 करोड़ की ट्रेजरी बिल (Treasury Bill) नीलामी के लिए प्राप्त बिड्स को रिजेक्ट कर दिया।
- तथ्यऑक्शन में ट्रेजरी बिल (Treasury bills) की अवधि 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन की थी।
- तथ्यBrent क्रूड ऑयल की कीमतें $110 प्रति बैरल से ऊपर निकल गईं और मंगलवार को लगभग $112 तक पहुंच गईं।
- तथ्यबैंक पिछले हफ्ते की नीलामी की तुलना में कम से कम 15 बेसिस पॉइंट अधिक यील्ड (yield) पर बोली लगाते हैं।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन सी अवधि (durations) रद्द किए गए ट्रेजरी बिल (Treasury Bill) नीलामी में शामिल थीं?
- (a)7-दिन, 14-दिन और 21-दिन
- (b)91-दिन, 182-दिन और 364-दिन
- (c)30-दिन, 60-दिन और 90-दिन
- (d)180-दिन, 360-दिन और 540-दिन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन — नोट में स्पष्ट किया गया है कि इस नीलामी का उद्देश्य 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन के ट्रेजरी बिल (Treasury Bills) के माध्यम से फंड जुटाना था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक वस्तु कीमतों, विशेष रूप से कच्चे तेल में होने वाले उतार-चढ़ाव, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मौद्रिक नीतिगत निर्णयों और घरेलू ऋण बाजार को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- महंगाई का दबाव: शुद्ध आयातक होने के कारण तेल की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ाती हैं और सख्त मॉनेटरी स्टैंड की ज़रूरत पैदा करती हैं
- यील्ड कर्व डायनेमिक्स: शॉर्ट-टर्म यील्ड में बढ़ोतरी से सरकारी उधार की लागत और प्राइवेट सेक्टर के लिए क्रेडिट उपलब्धता पर असर
- बाहरी भेद्यता: ग्लोबल यील्ड प्रेशर, FII सेलिंग और घरेलू बॉन्ड यील्ड के बीच संबंध
मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · ट्रेजरी बिल · यील्ड कर्व · महंगाई लक्ष्यीकरण · राजकोषीय घाटा · कमोडिटी में उतार-चढ़ाव
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।