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भाग I · स्था. 11.2025 
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LLLR-I रडार सिस्टम के लिए BEL के साथ 770 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· रक्षा तकनीक· प्रीलिम्स·

रक्षा तकनीक का स्वदेशीकरण और ड्रोन डिटेक्शन (Drone Detection): GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सुरक्षा का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन और फाइटर जेट्स की पहचान को बेहतर बनाने के लिए 'इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार' (LLLR-I) की खरीद हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ ₹770 करोड़ का एक समझौता किया है।

पृष्ठभूमि

रक्षा मंत्रालय ने 21 अक्टूबर, 2026 को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। LLLR-I सिस्टम को 'विकसित भारत @2047' विजन के हिस्से के रूप में फाइटर-साइज़ के लक्ष्यों और ड्रोन्स का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यLLLR-I रडार सिस्टम के लिए कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹770 करोड़ है।
  • विज्ञान-तकनीकLLLR-I: फाइटर-साइज़ के लक्ष्यों और ड्रोन्स का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार (Improved Low Level Light Weight Radar)।
  • संस्थाभारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रडार सिस्टम के लिए कॉन्ट्रैक्टेड एंटिटी (contracted entity) है।
  • पदराजेश कुमार सिंह कॉन्ट्रैक्ट साइनिंग के दौरान मौजूद थे।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

LLLR-I रडार सिस्टम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. रडार सिस्टम के लिए ₹500 करोड़ की वैल्यू का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया।
  2. यह रडार सिस्टम विकसित भारत @2040 विजन के हिस्से के रूप में प्रोक्योर (procure) किया जा रहा है।
  3. यह सिस्टम फाइटर-साइज़ के टारगेट और ड्रोन्स को डिटेक्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 3 — कथन 3 सही है। कथन 1 गलत है: कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू ₹770 करोड़ है। कथन 2 गलत है: यह विकसित भारत @2047 विजन का हिस्सा है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से रक्षा प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण से 2047 तक भारत के आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के जरिए महत्वपूर्ण रडार कंपोनेंट्स पर आयात निर्भरता कम करना
  • MSME इंटीग्रेशन: डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को मजबूत करने के लिए लघु उद्योगों का लाभ उठाना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: विवादित एयरस्पेस में ड्रोन आधारित खतरों के खिलाफ निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना

मुख्य शब्द: स्वदेशीकरण · आत्मनिर्भरता · रक्षा खरीद · विकसित भारत @2047 · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।