सूखे की वजह से महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में सोयाबीन उत्पादन में भारी गिरावट
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जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि क्षेत्र में आने वाले झटके और पैदावार में अस्थिरता: जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-resilient agriculture) पर GS3 का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में सूखे के कारण हुए नुकसान को देखते हुए खरीफ 2026 के लिए भारत के सोयाबीन उत्पादन में 2.1% की गिरावट का अनुमान लगाया है।
पृष्ठभूमि
SOPA के अनुमान के अनुसार, खरीफ 2026 में सोयाबीन का उत्पादन 107.93 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो कि 110.26 लाख टन से कम है। हालांकि बुवाई का क्षेत्रफल बढ़कर 117.73 लाख हेक्टेयर हो गया है, लेकिन सूखे के कारण महाराष्ट्र (34.88 लाख टन), कर्नाटक (2.06 लाख टन) और तेलंगाना (0.68 लाख टन) में उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यSOPA ने खरीफ 2026 के लिए सोयाबीन उत्पादन का अनुमान 107.93 लाख टन लगाया है।
- तथ्यपिछले वर्ष की तुलना में सोयाबीन उत्पादन में 2.1% की गिरावट।
- स्थानसूखे के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- तथ्यसोयाबीन की कुल बुवाई का क्षेत्रफल 117.73 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
किस संगठन ने खरीफ 2026 के लिए भारत के सोयाबीन उत्पादन में 2.1% की गिरावट का अनुमान लगाया है?
- (a)नेशनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक फार्मिंग
- (b)इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR)
- (c)नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट
- (d)सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA)
उत्तर देखें
उत्तर: (d) सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) — सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने उत्पादन में गिरावट और बुवाई क्षेत्र के अनुमान प्रदान किए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जलवायु-प्रेरित सूखे का तिलहन उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और जलवायु-अनुकूल कृषि को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर के आयाम
- यील्ड में उतार-चढ़ाव: महाराष्ट्र जैसे प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में जलवायु के कारण उत्पादन में झटके
- सिंचाई का अंतर: तिलहन फसलों के लिए मानसून पर निर्भर वर्षा आधारित कृषि पर निर्भरता
- सप्लाई चेन रिस्क: क्षेत्रीय उत्पादन में गिरावट का घरेलू सोयाबीन प्रोसेसिंग और खाद्य सुरक्षा पर असर
मुख्य शब्द: जलवायु-अनुकूल कृषि · वर्षा आधारित खेती · यील्ड में उतार-चढ़ाव · खाद्य तेल बीज उत्पादन · कृषि झटके
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।