चलो यमुना अभियान में 35,000 लोगों ने हिस्सा लिया, 76,755 किलो कचरा हटाया
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शहरी नदी पुनरुद्धार और अपशिष्ट प्रबंधन: बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक भागीदारी पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
दिल्ली में 70 स्थानों से 76,755 किलोग्राम कचरा हटाने के लिए चलाए गए 'चलो यमुना' अभियान में 35,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
पृष्ठभूमि
केंद्रीय गृह मंत्री 8,941.22 करोड़ रुपये की लागत वाली दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले हैं। एक प्रमुख परियोजना में ओखला में 124 MGD की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewage Treatment Plant) शामिल है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यचलो यमुना अभियान के तहत 70 स्थानों से 76,755 किलोग्राम (kg) कचरा हटाया गया।
- तथ्यदिल्ली जल बोर्ड प्रोजेक्ट्स पैकेज की वैल्यू Rs 8,941.22 करोड़ है।
- तथ्यओखला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 124 MGD है।
- स्थानओखला दिल्ली में एक बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट की साइट है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
दिल्ली जल बोर्ड प्रोजेक्ट्स और चलो यमुना कैंपेन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- दिल्ली जल बोर्ड प्रोजेक्ट्स पैकेज की वैल्यू Rs 8,941.22 करोड़ है।
- चलो यमुना अभियान के तहत 70 स्थानों से 76,755 किलोग्राम (kg) कचरा हटाया गया।
- ओखला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 150 MGD है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: ओखला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 124 MGD है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी नदी प्रदूषण के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और नदी के स्वास्थ्य को पुनर्जीवित करने में विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: दिल्ली में तेज़ी से होते शहरी विस्तार के मुकाबले सीवेज ट्रीटमेंट की कम क्षमता
- गवर्नेंस में टकराव: नदी पुनरुद्धार के लिए नगर निकायों और राज्य स्तरीय वॉटर बोर्ड के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: शहरी नदियों का पुनरुद्धार · सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर · वेस्ट मैनेजमेंट · पब्लिक-प्राइवेट पार्टिसिपेशन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।