आदित्य-L1 के डेटा से वैज्ञानिकों ने बनाए सोलर कोरोना के खास इमेजेस
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स·
स्पेस वेदर मॉनिटरिंग (Space weather monitoring) और सोलर फिजिक्स (Solar physics): GS3 साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Science & Technology) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) के वैज्ञानिकों ने आदित्य-L1 सैटेलाइट के VELC पेलोड से प्राप्त डेटा का उपयोग करके सोलर कोरोना गतिविधियों की डॉप्लर वेलोसिटी इमेजेस (Doppler velocity images) तैयार की हैं।
पृष्ठभूमि
ये चित्र आदित्य-L1 सैटेलाइट पर लगे विजिबल एमिशन लाइन कोरोनोग्राफ (Visible Emission Line Coronagraph - VELC) पेलोड से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करके तैयार किए गए हैं। डॉ. वी. मुथुप्रियल द्वारा विकसित यह सॉफ्टवेयर पृथ्वी की ओर होने वाले कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejections) की निगरानी के लिए बनाया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकVELC: Visible Emission Line Coronagraph, आदित्य-L1 सैटेलाइट पर एक पेलोड (payload) है।
- पदडॉ. वी. मुथुप्रियल ने कोरोनल मास इजेक्शन (coronal mass ejections) को ट्रैक करने के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया।
- तथ्यDoppler velocity images को 20 अक्टूबर, 2026 को Astrophysical Journal में प्रकाशित किया गया था।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Aditya-L1 सैटेलाइट पर सोलर कोरोना की Doppler velocity इमेजेस जेनरेट करने के लिए किस पेलोड का उपयोग किया गया था?
- (a)विजिबल एमिशन लाइन कोरोनोग्राफ
- (b)सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप
- (c)एक्स-रे मॉड्यूल
- (d)प्लाज्मा और मैग्नेटिक फील्ड इंस्ट्रूमेंट
उत्तर देखें
उत्तर: (a) विजिबल एमिशन लाइन कोरोनोग्राफ — नोट में स्पष्ट किया गया है कि ये इमेजेस Visible Emission Line Coronagraph (VELC) पेलोड से प्राप्त डेटा का उपयोग करके बनाई गई हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान को बेहतर बनाने में भारत के आदित्य-एल1 (Aditya-L1) मिशन के महत्व और स्थलीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- स्पेस वेदर रिस्क: सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और पावर ग्रिड्स पर कोरोनल मास इजेक्शन का असर
- डेटा संप्रभुता: स्वतंत्र सोलर ऑब्जर्वेशन और डेटा प्रसार के लिए भारत की बढ़ती क्षमता
मुख्य शब्द: स्पेस वेदर · कोरोनल मास इजेक्शन्स · सोलर कोरोना · आदित्य-L1 · डॉप्लर वेलोसिटी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
- चलो यमुना अभियान में 35,000 लोगों ने हिस्सा लिया, 76,755 किलो कचरा हटाया · 20 अक्टूबर 2026
- फोबोस पर लैंडर भेजने के लिए जापान ने $578 मिलियन का MMX मिशन लॉन्च किया · 20 अक्टूबर 2026
- बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट 1 ने हासिल की पहली क्रिटिकैलिटी · 19 अक्टूबर 2026
- हिंदी AI रिस्पॉन्स में सिर्फ 79.3% एक्यूरेसी, रिट्रीवल फेल्योर बनी वजह · 19 अक्टूबर 2026
- सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए ₹7 करोड़ का ग्रांट मिला · 19 अक्टूबर 2026
- असम के 18,388 टावरों में से 83% पर साइक्लोन का खतरा · 18 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।