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भाग I · स्था. 11.2025 
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माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस प्रोटीन ट्रैक करने के लिए बनाया नया जेनेटिक टूलकिट

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रोगजनकों की ट्रैकिंग (Pathogen tracking) में बायोटेक्नोलॉजी और जेनेटिक इंजीनियरिंग के अनुप्रयोग: एक GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology) विषय।

चर्चा में क्यों

CSIR-CCMB के डायरेक्टर और एक छात्र ने Mycobacterium tuberculosis प्रोटीन को ट्रैक करने के लिए 40 नए शटल वेक्टर्स (shuttle vectors) का उपयोग करके एक जेनेटिक टूलकिट विकसित किया है।

पृष्ठभूमि

यह टूलकिट प्रोटीन के स्थानों और उनके बीच होने वाली प्रतिक्रियाओं (interactions) की पहचान करने के लिए ग्रीन फ्लोरोसेंट प्रोटीन (GFP) और 'mCherry' सहित फ्लोरोसेंट मार्कर्स का उपयोग करता है। इस सिस्टम का परीक्षण Mycobacterium smegmatis में सफलतापूर्वक किया गया और इसे 16 अक्टूबर, 2026 को जर्नल ऑफ बैक्टीरियोलॉजी (Journal of Bacteriology) में प्रकाशित किया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकCCMB: CSIR-सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी।
  • विज्ञान-तकनीकGFP और mCherry: जेनेटिक टूलकिट (genetic toolkit) में उपयोग किए जाने वाले फ्लोरोसेंट मार्कर (fluorescent markers)।
  • तथ्यटूलकिट के लिए 40 नए शटल वेक्टर्स (shuttle vectors) विकसित किए गए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

CSIR-CCMB द्वारा विकसित जेनेटिक टूलकिट (genetic toolkit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण Mycobacterium tuberculosis में किया गया।
  2. प्रोटीन लोकेशन्स (locations) की पहचान करने के लिए GFP और mCherry सहित Fluorescent markers का उपयोग किया जाता है।
  3. यह टूलकिट प्रोटीन्स को ट्रैक करने के लिए 40 नए शटल वेक्टर्स (shuttle vectors) का उपयोग करती है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: इस सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण Mycobacterium smegmatis में किया गया था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में क्षय रोग (तपेदिक) जैसी संक्रामक बीमारियों के निदान और उपचार को उन्नत आनुवंशिक इंजीनियरिंग और आणविक जीव विज्ञान किस प्रकार बेहतर बना सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डायग्नोस्टिक प्रिसिजन: ड्रग-रेसिस्टेंट स्ट्रेन की पहचान के लिए बेहतर प्रोटीन ट्रैकिंग
  • R&D इंफ्रास्ट्रक्चर: स्वदेशी बायोटेक्नोलॉजिकल टूल्स विकसित करने में CSIR लैब्स की भूमिका
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: ऑब्जर्वेशनल से मॉलिक्यूलर-लेवल पैथोलॉजी की ओर तेज़ी से बदलाव

मुख्य शब्द: जेनेटिक इंजीनियरिंग · मॉलिक्यूलर बायोलॉजी · माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस · बायोटेक्नोलॉजी · पैथोजन ट्रैकिंग

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।