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भाग I · स्था. 11.2025 
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IIT मद्रास बनाएगा 100 इंसानी दिमागों के 3D मैप्स

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न्यूरोसाइंस और बायोटेक्नोलॉजी: प्रिसिजन मेडिसिन (Precision Medicine) के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग पर GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

IIT मद्रास के सुधा गोपालकृष्ण ब्रेन सेंटर ने भ्रूण से लेकर 85 वर्ष तक के व्यक्तियों के 100 मानव मस्तिष्क के 3D मैप बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस परियोजना का उद्देश्य जीवन काल के दौरान कोशिकीय स्तर (cellular-level) पर होने वाले संरचनात्मक परिवर्तनों को समझना है।

पृष्ठभूमि

प्रोफेसर मोहनशंकर शिवप्रकाश के नेतृत्व में संचालित यह प्रोजेक्ट, 3D मॉडल बनाने के लिए 10 से 20 माइक्रोन के बीच के सेक्शन का उपयोग करता है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क की संरचनाओं और कोशिकाओं का एक रेफरेंस मैप तैयार करना है, ताकि बीमारियों को समझने और सर्जरी की योजना बनाने में सहायता मिल सके।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकसुधा गोपालकृष्ण ब्रेन सेंटर IIT मद्रास में स्थित है।
  • तथ्यइस प्रोजेक्ट में भ्रूण (foetus) से लेकर 85 वर्ष के व्यक्तियों तक के 100 मानव मस्तिष्क की मैपिंग शामिल है।
  • तथ्यमैपिंग के लिए ब्रेन सेक्शन्स (Brain sections) की मोटाई 10 से 20 माइक्रोन (microns) के बीच होती है।
  • तथ्यएक वयस्क मस्तिष्क में मैपिंग के लिए 8,000 से 10,000 सेक्शन (sections) तक मिल सकते हैं।
  • संस्थाकेंद्र ने CMC वेल्लोर सहित 10 से अधिक संस्थानों के साथ मिलकर काम किया और 2025 में DHARANI और C-STROKE जारी किए।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

IIT मद्रास में ब्रेन मैपिंग प्रोजेक्ट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बीमारियों को समझने और सर्जरी की योजना बनाने में मदद करना है।
  2. 3D मॉडल बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ब्रेन सेक्शन की मोटाई 30 से 40 माइक्रोन (microns) के बीच होती है।
  3. इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य भ्रूण (foetus) से लेकर 85 वर्ष के व्यक्तियों तक के 100 मानव मस्तिष्क के 3D मैप तैयार करना है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: ये सेक्शन 10 और 20 microns मोटे होते हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में व्यक्तिगत चिकित्सा (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन) और शल्य चिकित्सा योजना (सर्जिकल प्लानिंग) के क्षेत्र में उच्च-रिज़ॉल्यूशन न्यूरो-मैपिंग और कोशिकीय-स्तरीय संरचनात्मक विश्लेषण किस प्रकार क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं, चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डायग्नोस्टिक प्रिसिजन: बीमारी की पैथोलॉजी के लिए पारंपरिक लिविंग-पेशेंट इमेजिंग से हाई-रिज़ॉल्यूशन सेलुलर रेफरेंस मैप्स पर शिफ्ट होना
  • न्यूरो-इवोल्यूशनरी रिसर्च: भ्रूण से बुढ़ापे तक मस्तिष्क की संरचनात्मक बदलावों पर लॉन्गिट्यूडनल डेटा की कमी को दूर करना
  • तकनीकी संप्रभुता: न्यूरोसाइंस के लिए स्वदेशी इंडस्ट्रियल-स्केल सेक्शनिंग और इमेजिंग सिस्टम का विकास

मुख्य शब्द: न्यूरोसाइंस · सेलुलर रिज़ॉल्यूशन · 3D मैपिंग · बायोटेक्नोलॉजी · प्रिसिजन मेडिसिन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS2 · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।