केरल यूनिवर्सिटी की टीम ने नेवेली, अटाकामा डेजर्ट और तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स को मंगल ग्रह जैसे स्थानों के रूप में पहचाना
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अंतरिक्ष अन्वेषण और भूविज्ञान: प्लैनेटरी एनालॉग्स (Planetary Analogues) पर GS3 विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
केरल यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च टीम ने मंगल ग्रह के अतीत के रहने योग्य वातावरण का अध्ययन करने के लिए नेवेली, अटाकामा डेजर्ट और तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स को 'मार्टियन एनालॉग' (Martian analogue) साइट्स के रूप में पहचाना है।
पृष्ठभूमि
टीम ने नेवेली (तमिलनाडु) में मेलेंटराइट और अटाकामा रेगिस्तान एवं तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स में जिप्सम की पहचान की। उन्होंने यह पुष्टि करने के लिए DST-FIST लेजर रमन स्पेक्ट्रोमीटर का उपयोग किया कि ये हाइड्रस सल्फेट्स जल-चट्टान अंतःक्रियाओं (water-rock interactions) को रिकॉर्ड करते हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकDST-FIST: मंगल ग्रह के समान (Martian analogue) साइट्स में हाइड्रस सल्फेट्स की पहचान के लिए उपयोग किया जाने वाला एक लेजर रमन स्पेक्ट्रोमीटर (laser Raman spectrometer)।
- स्थानअटाकामा डेजर्ट (Atacama Desert): इसे जिप्सम (gypsum) युक्त एक मार्शियन एनालॉग (Martian analogue) साइट के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यJournal of Geophysical Research: Planets: वह पब्लिकेशन जहाँ जल-चट्टान इंटरैक्शन (water-rock interactions) पर आधारित निष्कर्ष जारी किए गए।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
केरल यूनिवर्सिटी द्वारा पहचाने गए Martian analogue साइट्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- DST-FIST एक लेजर रमन स्पेक्ट्रोमीटर (laser Raman spectrometer) है जिसका उपयोग हाइड्रस सल्फेट्स (hydrous sulphates) की पहचान करने के लिए किया जाता है।
- नेवेली को जिप्सम युक्त एक Martian analogue साइट के रूप में पहचाना गया है।
- अटाकामा डेजर्ट (Atacama Desert) और तिरुचिरापल्ली बैडलैंड्स (Tiruchirappalli Badlands) को मार्सियन एनालॉग (Martian analogue) साइट्स के रूप में पहचाना गया है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नेवेली (Neyveli) को मेलेंटराइट (melanterite) युक्त पाया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मंगल ग्रह के स्थलीय एनालॉग स्थलों (terrestrial Martian analogue sites) के अध्ययन से ग्रहों की खोज और परग्रही जीवन की खोज को मिलने वाले योगदानों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- वैज्ञानिक कार्यप्रणाली: मंगल ग्रह पर पानी और चट्टानों के बीच होने वाली प्रतिक्रिया के इतिहास को समझने के लिए टेरेस्ट्रियल हाइड्रस सल्फेट्स का उपयोग
- मिशन प्लानिंग: भविष्य के प्लैनेटरी एक्सप्लोरेशन मिशन के लिए इंस्ट्रुमेंटेशन को कैलिब्रेट करने हेतु एनालॉग साइट्स का उपयोग
मुख्य शब्द: मंगल ग्रह जैसा वातावरण · हाइड्रस सल्फेट्स · पानी-चट्टान इंटरैक्शन · ग्रहीय अन्वेषण · भू-भौतिक अनुसंधान
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।