कर्नाटक में VB-G RAM जी. स्कीम के तहत रिकॉर्ड 2.04 करोड़ रोजगार दिन
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ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनाएं: आजीविका सुरक्षा और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री ईश्वर बी. खांडरे ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 13 अक्टूबर, 2026 के बीच VB-G RAM जी. योजना के तहत रिकॉर्ड 2.04 करोड़ व्यक्ति-दिन (person-days) का रोजगार पैदा किया गया है।
पृष्ठभूमि
VB-G RAM जी. योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को ₹382 की दैनिक मजदूरी पर 125 दिनों तक का रोजगार प्रदान किया जाता है। यह योजना तालाबों की गाद निकालना (desilting), सामाजिक वानिकी और ग्रामीण कनेक्टिविटी सड़कों जैसे ग्रामीण परिसंपत्तियों पर केंद्रित है। अब इस योजना का विस्तार घर निर्माण और सामुदायिक भवनों को शामिल करने के लिए भी किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यकर्नाटक ने 1 जुलाई से 13 अक्टूबर, 2026 के बीच VB-G RAM जी. के तहत 2.04 करोड़ व्यक्ति-दिन (person-days) का रोजगार पैदा किया।
- तथ्ययह योजना बिना किसी लिंग-आधारित भेदभाव के ₹382 की दैनिक मजदूरी प्रदान करती है।
- तथ्यइस योजना के तहत कर्नाटक में रोजगार सृजन के लिए रायचूर, बीदर और कोप्पल शीर्ष तीन जिले रहे।
- तथ्ययह योजना ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिनों तक के रोजगार की अनुमति देती है।
- योजनाVB-G RAM G, कर्नाटक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के अनुरूप एक राज्य-स्तरीय योजना है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
कर्नाटक में VB-G RAM जी. योजना के तहत प्रति ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष अधिकतम कितने रोजगार दिवस (employment days) प्रदान किए जाते हैं?
- (a)150 दिन
- (b)200 दिन
- (c)125 दिन
- (d)100 दिन
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 125 दिन — यह योजना प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिनों तक का रोजगार प्रदान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में संकटपूर्ण प्रवास (distress migration) को कम करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्रवासन कम करना: भूमिहीन मजदूरों और पिछड़े अकुशल श्रमिकों के मौसमी प्रवासन को रोकने के लिए स्थानीय काम के अवसर प्रदान करना
- एसेट क्रिएशन: केवल मज़दूरी देने के बजाय खेत के तालाब और ग्रामीण कनेक्टिविटी रोड जैसे टिकाऊ ग्रामीण एसेट बनाना
- क्लाइमेट रेजिलिएंस: ग्रामीण गरीबों को वैकल्पिक आजीविका प्रदान कर बारिश की कमी और एल नीनो के प्रभावों से निपटना
मुख्य शब्द: संकटकालीन प्रवास · ग्रामीण बुनियादी ढांचा · आजीविका सुरक्षा · एसेट क्रिएशन · सामाजिक-आर्थिक समावेश
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।