केरल में ट्रॉपिकल फॉरेस्ट के नुकसान को रोकने के लिए KSBB का प्रोजेक्ट
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पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण और स्थानीय शासन: GS3 पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Environment and Ecology) से संबंधित एक प्रासंगिक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
केरल स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (KSBB) ने उष्णकटिबंधीय रिपेरियन एवरग्रीन फॉरेस्ट (tropical riparian evergreen forests) में 83% की कमी की समस्या को दूर करने के लिए रेड लिस्ट असेसमेंट ऑफ इकोसिस्टम्स (RLE) प्रोजेक्ट शुरू किया है।
पृष्ठभूमि
RLE प्रोजेक्ट एक साल का अध्ययन है, जिसका नेतृत्व डॉ. अमिता बचन के.एच. और डॉ. दीपू शिवदास कर रहे हैं। यह केरल के 14 जिलों में संभावित खतरों (collapse risks) का मूल्यांकन करता है ताकि एक रिस्क रजिस्टर (Risk Register) तैयार किया जा सके और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (Biodiversity Management Committees) तथा पंचायतों के लिए मानचित्र तैयार किए जा सकें।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाKSBB: केरल स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (Kerala State Biodiversity Board)।
- तथ्यट्रॉपिकल रिपेरियन एवरग्रीन फॉरेस्ट (tropical riparian evergreen forests) में 83% नुकसान दर्ज किया गया है।
- स्थानयह स्टडी केरल के 14 जिलों को कवर करती है।
- संस्थाबायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट कमिटी (Biodiversity Management Committees): RLE प्रोजेक्ट में शामिल स्थानीय निकाय।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
केरल में जैव विविधता जोखिमों के प्रबंधन के लिए Red List Assessment of Ecosystems (RLE) प्रोजेक्ट में कौन सी स्थानीय संस्थाएं (local bodies) शामिल हैं?
- (a)ज़िला योजना बोर्ड
- (b)ग्राम विकास परिषद
- (c)वन संरक्षण समितियाँ
- (d)बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट कमिटी
उत्तर देखें
उत्तर: (d) बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट कमिटी — नोट में उल्लेख है कि RLE प्रोजेक्ट जैव विविधता प्रबंधन समितियों (Biodiversity Management Committees) और पंचायतों के लिए मैप और एक रिस्क रजिस्टर (Risk Register) तैयार करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में नदी तटीय पारिस्थितिकी तंत्र (riparian ecosystems) के ह्रास को कम करने में स्थानीय जैव विविधता मानचित्रण और जोखिम रजिस्टरों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा-आधारित संरक्षण: हाई-कोलैप्स-रिस्क ज़ोन में बहाली को प्राथमिकता देने के लिए रिस्क रजिस्टर्स का उपयोग
- विकेंद्रीकृत शासन: पारिस्थितिक निगरानी में पंचायतों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाना
मुख्य शब्द: तटीय पारिस्थितिकी तंत्र · बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट कमिटी · इकोसिस्टम का पतन · रिस्क रजिस्टर · उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।