उत्तर प्रदेश में पानी में क्रोमियम प्रदूषण, NGT ने 14 अथॉरिटीज को नोटिस जारी किया
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पर्यावरण न्यायशास्त्र और भारी धातु प्रदूषण: नियामक निगरानी (Regulatory Oversight) पर GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में भूजल में हेक्सावेलेंट क्रोमियम (Hexavalent Chromium) के प्रदूषण से संबंधित एक रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognisance) लिया और 14 अधिकारियों को नोटिस जारी किए।
पृष्ठभूमि
NGT ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) और AIIMS नई दिल्ली सहित 14 प्राधिकरणों को नोटिस जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में भूजल में हेक्सावेलेंट क्रोमियम (Hexavalent Chromium) के संदूषण से संबंधित हलफनामा पेश करने की मांग की है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यउत्तर प्रदेश के तीन जिलों के ग्राउंडवाटर (groundwater) में हेक्सावैलेंट क्रोमियम (Hexavalent chromium) को विशिष्ट कंटामिनेंट (contaminant) के रूप में पहचाना गया है।
- संस्थाNMCG: National Mission for Clean Ganga गंगा पुनरुद्धार (rejuvenation) प्रयासों में शामिल एक अथॉरिटी है।
- स्थानसंदूषण (contamination) की समस्या उत्तर प्रदेश के तीन जिलों तक सीमित है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
NGT द्वारा भूजल प्रदूषण (groundwater contamination) के संबंध में किस मिशन को नोटिस जारी किया गया है?
- (a)नेशनल वॉटर मिशन
- (b)स्वच्छ भारत मिशन
- (c)नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा
- (d)नमामि गंगे मिशन
उत्तर देखें
उत्तर: (c) नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा — यह नोट National Mission for Clean Ganga (NMCG) को उन अधिकारियों में से एक के रूप में पहचानता है जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में भूजल में भारी धातु के संदूषण की निगरानी और शमन में निहित संस्थागत और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: राज्य अधिकारियों और NMCG जैसे केंद्रीय निकायों के बीच तालमेल की कमी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम: स्थानीय समुदायों पर हेक्सावेलेंट क्रोमियम का लंबे समय तक होने वाला ज़हरीला असर
- एन्फोर्समेंट की बाधा: विकेंद्रीकृत भूजल प्रदूषण स्रोतों की निगरानी में कठिनाई
मुख्य शब्द: सुओ मोटो · भारी धातु संदूषण · भूजल प्रदूषण · पर्यावरण न्यायशास्त्र · रेगुलेटरी ओवरसाइट
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।