1950 के बाद सबसे मजबूत एल निनो की चेतावनी, मानसून में रिकॉर्ड बारिश
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जलवायु परिवर्तनशीलता और ENSO डायनेमिक्स: कृषि और आपदा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण GS3 विषय।
चर्चा में क्यों
WMO और IMD की रिपोर्ट के अनुसार, 1950 के बाद से सबसे शक्तिशाली एल नीनो (El Nino) घटना के कारण 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून 12.6% की कमी के साथ समाप्त हुआ।
पृष्ठभूमि
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान 868.6 mm के सामान्य स्तर के मुकाबले 759.4 mm वर्षा दर्ज की गई। WMO के पूर्वानुमान के अनुसार, एल निनो (El Nino) की घटना दिसंबर 2026 में अपने चरम पर होगी, जिसकी विशेषता मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्र के बढ़ते तापमान से जुड़ी है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्य2026 दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा: 759.4 mm (सामान्य से 12.6% कम)।
- विज्ञान-तकनीकएल निनो (El Nino): यह एल निनो सदर्न ऑसिलेशन (El Nino Southern Oscillation - ENSO) का एक चरण है, जिसकी विशेषता मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्र के तापमान का गर्म होना है।
- विज्ञान-तकनीकला नीना (La Nina): ENSO का विपरीत चरण, जिससे आमतौर पर कूलिंग इफेक्ट (cooling effect) होता है।
- स्थाननॉर्टईस्ट मानसून (Northeast monsoon): अक्टूबर से दिसंबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल सहित दक्षिण भारत के हिस्सों को प्रभावित करता है।
- संस्थाIMD (India Meteorological Department): मानसून की वापसी (monsoon withdrawal) की घोषणा के लिए जिम्मेदार संस्था।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
El Nino Southern Oscillation (ENSO) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- एल निनो (El Nino) की विशेषता मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्र के तापमान का गर्म होना है।
- 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून में 868.6 mm बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से अधिक थी।
- ला नीना (La Nina), ENSO का विपरीत चरण है और आमतौर पर शीतलन प्रभाव (cooling effect) पैदा करता है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: मानसून में 759.4 mm रिकॉर्ड किया गया, जो कि 12.6% की कमी (deficit) थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के मानसून प्रतिरूपों पर अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) के प्रभाव और कृषि स्थिरता पर इसके आगामी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- कृषि संवेदनशीलता: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बारिश की कमी सीधे खरीफ फसल चक्र और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करती है
- क्लाइमेट फीडबैक लूप्स: ग्लोबल टेम्परेचर पर एल निनो का वार्मिंग इफेक्ट और मानसून के अनिश्चित व्यवहार का बढ़ना
- आर्थिक परिणाम: मानसून की अनिश्चितता से सिंचाई और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित
मुख्य शब्द: एल निनो साउदरन ऑसिलेशन · मानसून की गतिशीलता · जलवायु परिवर्तनशीलता · खरीफ चक्र · मौसम पूर्वानुमान
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।