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भाग I · स्था. 11.2025 
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एस. जयशंकर बोले- AI परमाणु तकनीक से भी ज़्यादा असरदार, रेगुलेशन ज़रूरी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम (Bloomberg New Economy Forum) में कहा कि AI, परमाणु तकनीक (nuclear technology) की तुलना में अधिक व्यापक है और इसके लिए मजबूत नियमन और सुरक्षा उपायों (guardrails) की आवश्यकता है।

पृष्ठभूमि

एस. जयशंकर ने जॉन मिकलेथवेट के साथ एक फोरम के दौरान लोकतांत्रिक राजनीति और दैनिक जीवन पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने सामाजिक समानता के लिए तकनीक के संबंध में फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में भारत के रुख का संदर्भ दिया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदएस. जयशंकर: भारत के विदेश मंत्री।
  • स्थानAI Impact Summit: फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित।
  • तथ्यसामाजिक प्रभाव के मामले में AI को न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी की तुलना में अधिक व्यापक (pervasive) बताया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: सामाजिक समानता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षाकरने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों और 'गार्डरेल्स' (guardrails) की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • लोकतांत्रिक अखंडता: चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाले एल्गोरिथमिक बायस और मिसइन्फॉर्मेशन के जोखिम
  • रेगुलेटरी आर्बिट्राज: अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों में एक समान AI सुरक्षा मानक लागू करने में कठिनाई
  • डिजिटल डिवाइड: यह सुनिश्चित करना कि AI का इस्तेमाल मौजूदा असमानताओं को बढ़ाने के बजाय सामाजिक समानता को बढ़ावा दे

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · एल्गोरिथमिक गवर्नेंस · सामाजिक समानता · तकनीकी संप्रभुता · डिजिटल गार्डरेल्स

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।