रुपये को सहारा देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने डेरिवेटिव्स पर 20% रिस्क रिजर्व लागू किया
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मुद्रा प्रबंधन और जोखिम कम करना: मौद्रिक नीति और विनिमय दर स्थिरता (Exchange Rate Stability) से संबंधित एक प्रासंगिक GS3 विषय।
चर्चा में क्यों
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच रुपये को स्थिर करने के लिए 2 मिलियन डॉलर से अधिक के डेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए 20% फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिज़र्व (Foreign Exchange Risk Reserve) पेश किया है।
पृष्ठभूमि
RBI ने 2 मिलियन डॉलर से अधिक के डेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए 20% रिस्क रिजर्व अनिवार्य किया है और लेनदेन की सीमा को घटाकर 5 मिलियन डॉलर कर दिया है। इसके अतिरिक्त, RBI ने विशेष रूप से इंडियन ऑयल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प के लिए एक अस्थायी डॉलर विंडो खोली है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यRBI ने $2 मिलियन से अधिक के डेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए 20% फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिज़र्व (Foreign Exchange Risk Reserve) अनिवार्य किया है।
- तथ्यडेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट को घटाकर $5 मिलियन कर दिया गया।
- तथ्यRBI ने कैंसिल किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स की रीबुकिंग (rebooking) पर रोक लगा दी है।
- संस्थाइंडियन ऑयल कॉर्प (Indian Oil Corp), भारत पेट्रोलियम कॉर्प (Bharat Petroleum Corp) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प (Hindustan Petroleum Corp) को एक टेम्परेरी डॉलर विंडो (temporary dollar window) का एक्सेस दिया गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
हालिया पॉलिसी अपडेट में RBI द्वारा डेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए निर्धारित ट्रांजैक्शन लिमिट क्या है?
- (a)10 मिलियन डॉलर
- (b)100 मिलियन डॉलर
- (c)5 मिलियन डॉलर
- (d)1 मिलियन डॉलर
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 5 मिलियन डॉलर — RBI ने डेरिवेटिव्स (derivatives) के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट को घटाकर $5 मिलियन कर दिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भू-राजनीतिक संकटों के दौरान मुद्रा की अस्थिरता के प्रबंधन और व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक के रणनीतिक हस्तक्षेपों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लिक्विडिटी मैनेजमेंट: तत्काल करेंसी स्टेबलाइजेशन और लॉन्ग-टर्म मार्केट लिक्विडिटी व प्राइस डिस्कवरी के बीच संतुलन
- सेक्टोरल सपोर्ट: सप्लाई शॉक के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की विशिष्ट फॉरेक्स जरूरतों को पूरा करना
मुख्य शब्द: करेंसी में उतार-चढ़ाव · मौनेटरी पॉलिसी · विदेशी मुद्रा जोखिम · लिक्विडिटी मैनेजमेंट · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।