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परीक्षाओं में डिजिटल परिवर्तन: संस्थागत अखंडता और पारदर्शिता पर एक GS2 केस स्टडी।
शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने निष्पक्षता बढ़ानेके उद्देश्य से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित परीक्षण (CBT) मोड में परिवर्तित करने की सिफारिश की है।
शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने 9 अक्टूबर, 2026 को राज्यसभा में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में गतिशील प्रश्न बैंक (dynamic question banks) के उपयोग और NTA, UPSC एवं SSC के स्तर पर समझौता करने वाले विक्रेताओं को ब्लैकलिस्ट करनेके लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री बनाने का सुझाव दिया गया है।
समिति के अनुसार, समझौता किए गए विक्रेताओं (compromised vendors) की ब्लैकलिस्टिंग के लिए प्रस्तावित केंद्रीकृत रजिस्ट्री में कौन से केंद्रीय निकाय शामिल हैं?
उत्तर: (a) UPSC और SSC — रिपोर्ट NTA, UPSC और SSC में समझौता करने वाले विक्रेताओं को ब्लैकलिस्ट करने के लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री बनाने का सुझाव देती है।
Q. भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं को कंप्यूटर-आधारित परीक्षण (CBT) मोड में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Transparency · Institutional Integrity · Digital Transformation · Accountability · Standardization
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।