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ऊर्जा सुरक्षा और सीमा-पार जल जल-राजनीति: एक GS3 और अंतर्राष्ट्रीय संबंध केस स्टडी।
भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करने के पश्चात, केंद्रीय विद्युत सचिव ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में ₹5,129 करोड़ की सावलकोट जलविद्युत परियोजना पर विचार कर रही है।
सवलकोट जलविद्युत परियोजना NHPC की एक पहल है, जिसका अनुमानित व्यय ₹5,129 करोड़ है और यह 800 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए निर्मित की जा रही है। पहलगाम में 2025 में हुए एक हमले में 26 नागरिकों की मृत्यु के पश्चात भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया था।
सावकट जलविद्युत परियोजना की अनुमानित बिजली उत्पादन क्षमता क्या है?
उत्तर: (a) 800 मेगावाट — नोट में निर्दिष्ट है कि सावलकोट जलविद्युत परियोजना से 800 मेगावाट बिजली उत्पन्न होने का अनुमान है।
Q. सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय जल-राजनीति पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Energy Security · Transboundary Water · Hydro-politics · Infrastructure Development · Bilateral Relations
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।