सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है
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चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की जांच समिति की वैधता को चुनौती दी है।
पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने एक संसदीय जांच पैनल के गठन और उसकी कार्यप्रणाली की वैधता को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि केवल लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के पास ही पद से हटाने के प्रस्तावों को स्वीकार करने का अधिकार है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदजस्टिस यशवंत वर्मा: याचिकाकर्ता द्वारा जांच पैनल की वैधता को चुनौती।
- तथ्यभ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए लोकसभा द्वारा एक जांच पैनल (Inquiry Panel) का गठन किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को हटाने के लिए निर्धारित संवैधानिक सुरक्षा उपायों और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत स्वायत्तता: न्यायिक स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेही के बीच संतुलन
- प्रक्रियात्मक अखंडता: यह सुनिश्चित करना कि संसदीय निगरानी न्यायिक निष्कासन के लिए संवैधानिक तंत्र को दरकिनार न करे
मुख्य शब्द: न्यायिक स्वतंत्रता · जवाबदेही · संवैधानिक सुरक्षा उपाय · संसदीय निगरानी · कानून का शासन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।