कर्नाटक सरकार सांप्रदायिक तनाव को कम करने और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को विनियमित करने के लिए 'कर्नाटक हेट स्पीच एंड हेट क्राइम (प्रिवेंशन) बिल
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक सरकार सांप्रदायिक तनाव को कम करने और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को विनियमित करने के लिए 'कर्नाटक हेट स्पीच एंड हेट क्राइम (प्रिवेंशन) बिल, 2025' पर विचार कर रही है।
पृष्ठभूमि
प्रस्तावित विधेयक में 'हेट स्पीच' (Hate Speech) को विभिन्न रूपों में सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए गए किसी भी बयान के रूप में परिभाषित किया गया है। इसमें जांच, अभियोजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हेट स्पीच वाली सामग्री को हटाने के लिए राज्य सरकार की शक्तियों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयककर्नाटक हेट स्पीच एंड हेट क्राइम्स (प्रिवेंशन) बिल, 2025।
- तथ्ययह बिल राज्य सरकार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने की शक्ति प्रदान करता है।
- स्थानकर्नाटक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करते हुए घृणास्पद भाषण (हेट स्पीच) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से राज्य-स्तरीय विधानों से उत्पन्न होने वाली संवैधानिक चुनौतियों और लोकतांत्रिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संवैधानिक टकराव: सार्वजनिक व्यवस्था को नियंत्रित करने की राज्य की शक्ति बनाम आर्टिकल 19(1) के तहत अभिव्यक्ति की आज़ादी के बीच संतुलन
- कार्यपालिका की मनमानी: प्राइवेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राज्य अधिकारियों द्वारा कंटेंट हटाने के जोखिम
- लोकतांत्रिक घर्षण: विपक्ष की आवाज़ों को दबाने के लिए हेट स्पीच की परिभाषाओं को राजनीतिक हथियार बनाने की संभावना
मुख्य शब्द: भाषण की स्वतंत्रता · सांप्रदायिक सद्भाव · रेगुलेटरी ओवररीच · सार्वजनिक व्यवस्था · डिजिटल गवर्नेंस
भारतीय समाज पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।