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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंटार्कटिका में 695 बिलियन टन बर्फ बढ़ी, पिछले 20 सालों में सबसे बड़ा इजाफा

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क्रायोस्फीयर गतिकी और ध्रुवीय क्षेत्रों पर मानवजनित प्रभाव: एक GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

'Nature' में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, असाधारण हिमपात के कारण जुलाई 2021 और अप्रैल 2023 के बीच अंटार्कटिका में 695 बिलियन टन द्रव्यमान (mass) में वृद्धि हुई।

पृष्ठभूमि

अंटार्कटिका ने 22 महीनों की अवधि (जुलाई 2021 - अप्रैल 2023) के दौरान 695 बिलियन टन द्रव्यमान (mass) अर्जित किया। यह वृद्धि मुख्य रूप से पूर्वी अंटार्कटिका के क्वीन मैरी लैंड और विल्क्स लैंड क्षेत्रों में हुई हिमपात के कारण हुई, जबकि पश्चिमी अंटार्कटिका में द्रव्यमान की हानि निरंतर जारी रही।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यजुलाई 2021 और अप्रैल 2023 के बीच अंटार्कटिका ने 695 बिलियन टन द्रव्यमान (mass) प्राप्त किया।
  • स्थानक्वीन मैरी लैंड और विल्क्स लैंड पूर्वी अंटार्कटिका के क्षेत्र हैं।
  • तथ्यशोधकर्ता वर्षा की विसंगति (precipitation anomaly) के लगभग 9% हिस्से को मानवीय गतिविधियों के कारण मानते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकद्रव्यमान में वृद्धि को उष्णकटिबंधीय महासागर के बढ़ते तापमान से प्रेरित असाधारण हिमपात से जोड़ा गया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

जुलाई 2021 और अप्रैल 2023 के बीच अंटार्कटिका में हुए द्रव्यमान लाभ (mass gain) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. वर्षण विसंगति (precipitation anomaly) का लगभग 9% मानव गतिविधियों के कारण है।
  2. द्रव्यमान में वृद्धि मुख्य रूप से पश्चिमी अंटार्कटिका में बर्फबारी के कारण हुई थी।
  3. इस अवधि के दौरान अंटार्कटिका ने 695 बिलियन टन द्रव्यमान (mass) प्राप्त किया।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: यह लाभ मुख्य रूप से पूर्वी अंटार्कटिका के Queen Mary Land और Wilkes Land में हुई बर्फबारी से प्रेरित था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: ध्रुवीय क्षेत्रों में अल्पकालिक जलवायु विसंगतियाँ वैश्विक जलवायु परिवर्तनशीलता और मानव-प्रेरित पर्यावरणीय परिवर्तनों की व्यापक जटिलताओं को किस प्रकार प्रतिबिंबित करती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗यह भी: GS1 · भौतिक भूगोल (भू-आकृतियां, महासागर, जलवायु)यह भी: GS3 · जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।