भेदभावपूर्ण बिल पर विरोध के बीच लोकसभा स्पीकर ने बनाई 31 सदस्यीय कमेटी
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Parliament & state legislatures· Prelims + Mains·
चर्चा में क्यों
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अल्पसंख्यकों और NGO के विरुद्ध संभावित भेदभाव के विरोध के पश्चात, 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' की जांच के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया है।
पृष्ठभूमि
समिति में 31 सदस्य शामिल हैं और इसकी अध्यक्षता संजय जायसवाल द्वारा की जा रही है। समिति को संसद के शीतकालीन सत्र के प्रथम सप्ताह के अंत तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अधिदेश प्राप्त है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थालोकसभा अध्यक्ष के पास विधेयकों या विशिष्ट मुद्दों की जांच के लिए समितियाँ गठित करने की शक्ति है।
- तथ्यविदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के लिए गठित समिति में 31 सदस्य शामिल हैं।
- पदओम बिड़ला वर्तमान में लोकसभा के अध्यक्ष हैं।
मेन्स के लिए
Q. भारत में विधायी प्रक्रियाओं की सूक्ष्म जांच सुनिश्चित करने और नागरिक समाज तथा अल्पसंख्यक समूहों के हितों की रक्षा करने में संसदीय समितियों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Role of Parliamentary Committees in legislative scrutiny
- Balancing national security with NGO autonomy
- Protection of minority rights in legislative drafting
कीवर्ड: Legislative Scrutiny · Parliamentary Committees · Civil Society · Minority Rights · Democratic Oversight
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- सिनेमा हॉल पर 2% सेस खत्म, मल्टीप्लेक्स को बड़ी राहत · 10 सितंबर 2026
- दिल्ली में अवैध बिल्डिंग्स को गिराने के लिए सुप्रीम कोर्ट को विकल्प देने होंगे · 10 सितंबर 2026
- उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई · 9 सितंबर 2026
- 9 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के गवर्नर आर.एन. रवि ने रविंद्र विठलराव घुगे को कलकत्ता हाई · 9 सितंबर 2026
- मद्रास हाई कोर्ट ने एस. जयकुमार की जीत को सही ठहराया, ECI के प्लान पर असर · 8 सितंबर 2026
- दिल्ली में 50 साल से पुरानी DDA बिल्डिंग्स का होगा सेफ्टी ऑडिट · 8 सितंबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।