आंध्र प्रदेश दिव्यांगजनों और दैनिक यात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार हेतु पैदल यात
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चर्चा में क्यों
आंध्र प्रदेश दिव्यांगजनों और दैनिक यात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार हेतु पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सार्वभौमिक सुगमता के लिए एक व्यापक रूपरेखा अधिसूचित करने वाला भारत का प्रथम राज्य बन गया है।
पृष्ठभूमि
आंध्र प्रदेश पैदल यात्री सुरक्षा और सार्वभौमिक सुलभता नीति को 26 अगस्त, 2026 को अधिसूचित किया गया था। इसका उद्देश्य सड़कों और मार्गों का कायाकल्प करना है ताकि करोड़ों पैदल यात्रियों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानआंध्र प्रदेश व्यापक पैदल यात्री सुरक्षा और सार्वभौमिक पहुंच (universal accessibility) नीति अधिसूचित करने वाला पहला राज्य है।
- तथ्यइस नीति को आधिकारिक रूप से 26 अगस्त, 2026 को अधिसूचित किया गया था।
- विज्ञान-तकनीकसार्वभौमिक सुलभता (Universal accessibility) का तात्पर्य उत्पादों, भवनों और परिवेश के ऐसे डिजाइन से है जो आयु, आकार, क्षमता या विकलांगता की परवाह किए बिना सभी लोगों द्वारा उपयोग योग्य हो।
मेन्स के लिए
Q. भारत में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास में सार्वभौमिक सुलभता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Inclusivity in urban design
- Safety standards for pedestrians
- Social integration of the disabled
- Way forward: National policy alignment
कीवर्ड: Universal Accessibility · Inclusive Infrastructure · Pedestrian Safety · Urban Planning · Social Inclusion
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।