गोवा में बच्चों से जुड़े कानूनों से 'कुष्ठ रोग' का जिक्र हटाया गया
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Vulnerable sections (SC/ST, minorities, disabled, elderly, children)· Prelims·
चर्चा में क्यों
गोवा विधानसभा ने बाल संरक्षण कानूनों से 'कुष्ठ' (leprosy) शब्द को हटाने के लिए 'गोवा बाल विधेयक (संशोधन), 2026' पारित किया है, ताकि इसे सर्वोच्च न्यायालय (SC) के आदेशों के अनुरूप बनाया जा सके और सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।
पृष्ठभूमि
गोवा बाल अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2026, का उद्देश्य गोवा बाल अधिकार अधिनियम, 2003 की धारा 2 और 5 से 'कुष्ठ रोग' को हटाना है। यह विधेयक विश्वजीत राणे द्वारा प्रस्तुत किया गया है और इसके कोई वित्तीय निहितार्थ नहीं हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकGoa Children’s Act, 2003: बाल संरक्षण हेतु राज्य-विशिष्ट विधान।
- तथ्ययह संशोधन विशेष रूप से मौजूदा अधिनियम की धारा 2 और 5 को लक्षित करता है।
- संस्थाराज्यपाल की सहमति: राज्य विधानसभा द्वारा पारित होने के बाद विधेयक के कानून बनने के लिए आवश्यक।
मेन्स के लिए
Q. भारत में सामाजिक कलंक को दूर करने और संवेदनशील वर्गों की गरिमा सुनिश्चित करने में विधायी संशोधनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- social stigma and human rights
- judicial oversight in legislative reform
- impact on child welfare
कीवर्ड: social stigma · legislative amendment · vulnerable sections · human dignity · judicial alignment
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।