रिटायरिंग जस्टिस संजय करोल: 'चाचाजी' ने हाउसमेकर्स का मुआवजा बढ़ाकर ₹63 लाख किया
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
न्यायमूर्ति संजय करोल की सेवानिवृत्ति गृहणियों के आर्थिक योगदान की न्यायिक मान्यता और सामाजिक न्याय में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करती है।
पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति संजय करोल ने 8 मार्च, 2017 से सेवा देने के पश्चात उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए। इससे पूर्व, उन्होंने हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और पटना उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान की थीं। 11 जून, 2026 के एक निर्णय में, उन्होंने गृहिणियों के आर्थिक योगदान हेतु मुआवजे की राशि को बढ़ाकर ₹63 लाख कर दिया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदन्यायमूर्ति संजय करोल ने हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और पटना उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने जून 2026 के एक निर्णय में गृहिणियों के मुआवजे को बढ़ाकर ₹63 लाख कर दिया।
- संस्थाAmicus Curiae: न्यायालय द्वारा विशेषज्ञ सलाह प्रदान करने के लिए नियुक्त एक तटस्थ तीसरा पक्ष।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय न्यायिक ढांचे के भीतर गृहकार्य जैसे गैर-बाजार आर्थिक योगदानों को मान्यता देने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- त्रिपुरा ने चुनावी रोल साफ करने के लिए SIR लॉन्च किया, 23 दिसंबर तक लक्ष्य · 29 अगस्त 2026
- CJI Kant: मेहता के आरोपों के बीच शर्मा को जवाब देने का मिला मौका · 27 अगस्त 2026
- कुमार लोकतंत्र अभियान का नेतृत्व करेंगे: चेन्नई में 300 स्कूलों के 1,000 प्रतिनिधियों की बैठक · 26 अगस्त 2026
- 27 July को बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस Ajay Gadkari और Kamal Khata · 26 अगस्त 2026
- कर्नाटक में वोटर लिस्ट से 1.08 करोड़ नाम कटे, 19.5% की भारी गिरावट · 26 अगस्त 2026
- मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केरल के नए नाम के रूप में 'Keralam' को अधिसूचित किया · 26 अगस्त 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।