सुप्रीम कोर्ट ने 19 राज्यों को कैंसर को "Notifiable Disease" घोषित करने का आदेश दिया
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चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने भारत भर में कैंसर की समान रूप से शीघ्र पहचान और मानकीकृत उपचार सुनिश्चित करनेके लिए 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इसे एक 'अधिसूचनीय रोग' (notifiable disease) घोषित करने का निर्देश दिया है।
पृष्ठभूमि
11 अगस्त, 2026 को, उच्चतम न्यायालय ने डॉ. अनुराग श्रीवास्तव द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर निर्णय सुनाया। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि केवल 36 में से 17 राज्यों ने संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का अनुपालन किया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थासुप्रीम कोर्ट: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, जिसके प्रमुख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (Chief Justice of India) होते हैं।
- तथ्यन्यायालय द्वारा 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष रूप से कैंसर को एक 'notifiable disease' घोषित करने का निर्देश दिया गया।
- तथ्यपूर्व में केवल 36 में से 17 राज्यों ने संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का अनुपालन किया था।
मेन्स के लिए
Q. भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार और प्रारंभिक हस्तक्षेप के संदर्भ में बीमारियों को 'सूचित करने योग्य' (notifiable) घोषित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Standardization of healthcare protocols
- Role of judicial activism in public health
- Federal challenges in health reporting
- Early detection and mortality reduction
कीवर्ड: Notifiable disease · Public health infrastructure · Judicial oversight · Early detection · Standardized healthcare
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।