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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,355 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2767) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (174) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)

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गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) 2026 तक एक 'यूनिफाइड टूरिस्ट वीजा' (GCC ग्रैंड टूर्स वीजा) के साथ आगे बढ़ रही है

चर्चा में क्यों: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) 2026 तक एक 'यूनिफाइड टूरिस्ट वीजा' (GCC ग्रैंड टूर्स वीजा) के साथ आगे बढ़ रही है, जिससे पर्यटक एक ही परमिट के जरिए इसके सभी छह सदस्य देशों में प्रवेश कर सकेंगे।

GCC यूनिफाइड वीजा (GCC Unified Visa) का उद्देश्य सीमा प्रणालियों और डेटा साझाकरण में समन्वय स्थापित करके छह सदस्य देशों के बीच यात्रा को सरल बनाना है। इस वीजा के लिए अनुमानित लागत US $100–$150 के बीच होगी, जिसमें 30 दिनों की अवधि तक रुकने के विकल्प शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यGCC Unified Visa की अपेक्षित लागत: US $100–$150।
  • तथ्यGCC Unified Visa के तहत स्टे ऑप्शंस में 30-दिन का स्टे और विस्तारित अवधि (extended periods) शामिल हैं।
  • संस्थाGCC (Gulf Cooperation Council) में छह सदस्य देश शामिल हैं।
  • तथ्ययूनिफाइड टूरिस्ट वीजा (Unified Tourist Visa) के लॉन्च का लक्ष्य वर्ष 2026 है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय वीजा एकीकरण और सामंजस्यपूर्ण सीमा प्रणालियाँ किस प्रकार खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक एकीकरण और पर्यटन विकास के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • आर्थिक एकीकरण: आसान मोबिलिटी के जरिए अंतर-क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देना
  • लॉजिस्टिक हार्मोनाइजेशन: 6 संप्रभु राज्यों के बीच डेटा-शेयरिंग प्रोटोकॉल और बॉर्डर सिक्योरिटी को सिंक्रोनाइज़ करने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय एकीकरण · पर्यटन में बढ़ोतरी · सीमा सामंजस्य · आर्थिक सहयोग

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर को कड़ी चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की कोशिश करता है

चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर को कड़ी चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की कोशिश करता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने हाल ही में पहले से लक्षित परमाणु सुविधाओं तक पहुँचने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी हमलों के कारण वह विफल रहा। उन्होंने आगे यह आरोप भी लगाया कि अमेरिका ने ईरान के दूसरे हिस्से में एक नए परमाणु स्थल की योजना का पता लगाया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यडोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय डर को कम किया है और मध्य पूर्व में शांति में योगदान दिया है।
  • तथ्यट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी हमलों के कारण ईरान द्वारा पहले से लक्षित परमाणु सुविधाओं तक पहुँचने का प्रयास असफल रहा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय स्थिरता पर अमेरिका-ईरान परमाणु तनाव के निहितार्थों और परमाणु प्रसार को रोकने में एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयों की प्रभावकारिता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: ईरान के घरेलू परमाणु बुनियादी ढांचे पर अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों और हमलों का प्रभाव
  • क्षेत्रीय सुरक्षा: अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के दावों के बाद मध्य पूर्व की पावर डायनामिक्स में बदलाव
  • परमाणु अप्रसार: ईरान में सैन्य प्रतिरोध की प्रभावशीलता बनाम डिप्लोमैटिक फ्रेमवर्क

मुख्य शब्द: परमाणु प्रसार · क्षेत्रीय स्थिरता · सैन्य प्रतिरोध · भू-राजनीतिक तनाव · गैर-प्रसार

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संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पहले 'इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026' की मेजबानी में भारत के नेतृत्व की सराहना की

चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पहले 'इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026' की मेजबानी में भारत के नेतृत्व की सराहना की।

इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 19-20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में होने निर्धारित है। यह शिखर सम्मेलन 'लोग, ग्रह और प्रगति' (People, Planet, and Progress) के सिद्धांतों पर केंद्रित है और इसमें UN के इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन AI शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदएंटोनियो गुटेरेस: संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल।
  • स्थानIndia–AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
  • तथ्यसमिट थीम: 'पीपल, प्लैनेट, एंड प्रोग्रेस' (People, Planet, and Progress)।
  • संस्थाIndependent International Scientific Panel on AI: इसे Global Digital Compact के माध्यम से स्थापित किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नैतिक और समावेशी तकनीकी प्रगति सुनिश्चित करनेके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) हेतु वैश्विक शासन ढाँचे स्थापित करने में बहुपक्षीय सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: खंडित नेशनल AI पॉलिसी से ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के कमजोर होने का जोखिम
  • डिजिटल डिवाइड: समावेशी मल्टीलैटरल फ्रेमवर्क के जरिए AI के फायदों को ग्लोबल साउथ तक पहुँचाना
  • नैतिक निगरानी: तकनीकी नवाचार और मानवाधिकार व पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ग्लोबल गवर्नेंस · बहुपक्षवाद · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · डिजिटल कॉम्पैक्ट · तकनीकी संप्रभुता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दौरे पर हैं, जहाँ वे द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दौरे पर हैं, जहाँ वे द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे। अगस्त 2024 में इन संबंधों को 'कॉम्प्रेहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा 7-8 फरवरी, 2026 के लिए निर्धारित है। इस यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापार, रक्षा और 10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे। वे कुआला लुम्पुर में भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को अगस्त 2024 में 'Comprehensive Strategic Partnership' (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के स्तर तक बढ़ा दिया गया।
  • तथ्यइस यात्रा में 10th इंडिया-मलेशिया CEO फोरम शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में भारत और मलेशिया के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: साउथ चाइना सी में सहयोग और नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करना
  • आर्थिक एकीकरण: निवेश प्रवाह और डिजिटल टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने के लिए CEO फ़ोरम का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: व्यापक रणनीतिक साझेदारी · एक्ट ईस्ट पॉलिसी · समुद्री सहयोग · द्विपक्षीय व्यापार · रणनीतिक स्वायत्तता

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अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों पर नियंत्रण के लिए हुए 'न्यू START' (New START) समझौते की अवधि गुरुवार को समाप्त हो गई है

चर्चा में क्यों: अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों पर नियंत्रण के लिए हुए 'न्यू START' (New START) समझौते की अवधि गुरुवार को समाप्त हो गई है। दोनों देशों द्वारा अपनी परमाणु शक्तियों को आधुनिक बनाने के बीच, इससे एक नई हथियारों की होड़ (arms race) शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।

न्यू START संधि पर 2010 में हस्ताक्षर किए गए थे और इसमें तैनात रणनीतिक वारहेड्स (strategic warheads) की संख्या 1,550 पर सीमित कर दी गई थी। अमेरिका भविष्य की संधियों में चीन को शामिल करने की वकालत करता है, जबकि रूस फ्रांस और UK को शामिल करने की मांग करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यNew START संधि ने तैनात रणनीतिक वारहेड्स (strategic warheads) की संख्या 1,550 पर सीमित कर दी।
  • पदएडमिरल सर टोनी राडकिन ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के पूर्व प्रमुख हैं।
  • संस्थाNew START, अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों पर नियंत्रण की एक संधि है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: न्यू स्टार्ट (New START) संधि की समाप्ति के वैश्विक परमाणु अप्रसार और बहुध्रुवीय हथियारों की होड़ के जोखिम पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: चीन को शामिल करने की अमेरिका की मांग बनाम यूके/फ्रांस की भागीदारी की रूस की मांग
  • रणनीतिक आधुनिकीकरण: प्रमुख शक्तियों द्वारा परमाणु क्षमताओं में तेज़ी से होने वाली प्रगति मौजूदा आर्म्स कंट्रोल फ्रेमवर्क को कमज़ोर कर रही है

मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · रणनीतिक स्थिरता · हथियार नियंत्रण · मल्टी-पोलर वर्ल्ड · परमाणु आधुनिकीकरण

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एक US Congressional Research Service की रिपोर्ट में इस संभावना पर चर्चा की गई है कि चीन के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति बनाए रखने के लिए अमेरिका

चर्चा में क्यों: एक US Congressional Research Service की रिपोर्ट में इस संभावना पर चर्चा की गई है कि चीन के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति बनाए रखने के लिए अमेरिका, AUKUS समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया को मिलने वाली परमाणु पनडुब्बियों की डिलीवरी रोक सकता है।

रिपोर्ट यह सुझाव देती है कि ऑस्ट्रेलिया को वर्जीनिया-क्लास (Virginia-class) पनडुब्बियों की बिक्री से ताइवान के साथ संभावित संघर्ष में अमेरिका की युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सकती है और साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है। यह यह भी रेखांकित करती है कि अमेरिका पनडुब्बी निर्माण के क्षेत्र में भारी बैकलॉग (backlog) का सामना कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • विज्ञान-तकनीकवर्जीनिया-क्लास (Virginia-class): परमाणु ऊर्जा से चलने वाली अटैक सबमरीन (attack submarines) की एक क्लास, जिसका संचालन संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: AUKUS समझौता भारत-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा की बदलती गतिशीलता और रणनीतिक गठबंधनों एवं क्षेत्रीय निवारण के बीच संतुलन की जटिलताओं को किस प्रकार प्रतिबिंबित करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक दुविधा: AUKUS के प्रति प्रतिबद्धता और ताइवान संकट के दौरान अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों के कम होने के जोखिम के बीच संतुलन बनाना
  • साइबर सिक्योरिटी रिस्क: साझा सबमरीन टेक्नोलॉजी पर स्टेट-स्पॉन्सर्ड साइबर ऑपरेशंस के लिए 'अटैक सरफेस' के विस्तार की संभावना
  • इंडस्ट्रियल बॉटलनेक: सहयोगियों को रक्षा प्रतिबद्धियों को समय पर पूरा करने पर अमेरिकी सबमरीन शिपबिल्डिंग बैकलॉग का असर

मुख्य शब्द: निवारण · रणनीतिक स्वायत्तता · समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक तालमेल · डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस

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यूक्रेन और रूस ने अबू धाबी में US के नेतृत्व वाली शांति वार्ता फिर से शुरू की है

चर्चा में क्यों: यूक्रेन और रूस ने अबू धाबी में US के नेतृत्व वाली शांति वार्ता फिर से शुरू की है। यह कदम राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के उन आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस ने हथियारों का स्टॉक जमा करने के लिए ऊर्जा युद्धविराम (Energy Truce) का फायदा उठाया।

दो दिवसीय वार्ता की सुविधा ट्रंप प्रशासन द्वारा अबू धाबी में प्रदान की गई। रूस ने यूक्रेन से डोंबास क्षेत्र का नियंत्रण छोड़ने की मांग की है, जबकि यूक्रेन ने वर्तमान फ्रंटलाइन (frontline) पर युद्धविराम पर जोर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • स्थानअबू धाबी: यूक्रेन और रूस के बीच US के नेतृत्व में होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर की मेजबान सिटी।
  • पदवोलोडिमिर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के प्रेसिडेंट।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दीर्घकालिक भू-राजनीतिक संघर्षों को सुलझाने में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की भूमिका और गैर-परक्राम्य क्षेत्रीय मांगों के बीच सामंजस्य स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक डेडलॉक: डोंबास क्षेत्र को लेकर असहमत मांगें बनाम मौजूदा फ्रंटलाइन सीज़फायर
  • भरोसे की कमी: ऊर्जा युद्धविराम के दौरान हथियारों का स्टॉक जमा करने के आरोप ने कूटनीतिक सद्भावना को कमजोर किया
  • मध्यस्थ का प्रभाव: शांति वार्ता के ढांचे को आकार देने में ट्रंप प्रशासन की भूमिका

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक संघर्ष · थर्ड-पार्टी मेडिएशन · क्षेत्रीय अखंडता · राजनयिक गतिरोध · सुरक्षा दुविधा

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गाजा में UN की इमरजेंसी मेडिकल टीम के डायरेक्टर डॉ

चर्चा में क्यों: गाजा में UN की इमरजेंसी मेडिकल टीम के डायरेक्टर डॉ. संतोष कुमार एस.एस. ने गाजा में मानवीय संकट और नागरिकों के खिलाफ हो रही अंधाधुंध हिंसा पर गवाही दी।

डॉ. संतोष कुमार एस.एस. गाजा में UN की इमरजेंसी मेडिकल टीम के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने व्यापक गरीबी, पानी और स्वच्छता की कमी, और चल रहे संघर्ष के कारण फैलने वाली बीमारियों के मुद्दों पर प्रकाश डाला।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदडॉ. संतोष कुमार एस.एस. गाजा में UN इमरजेंसी मेडिकल टीम के डायरेक्टर हैं।
  • तथ्यUN इमरजेंसी मेडिकल टीम ने गाजा में पानी और सैनिटेशन सहित बुनियादी सुविधाओं की कमी की रिपोर्ट दी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: गाजा जैसे सक्रिय संघर्ष क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता प्रदान करने और मानवाधिकारों को बनाए रखने में अंतर्राष्ट्रीय मानवीय संगठनों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक बॉटलनेक: स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विनाश और ज़रूरी मेडिकल सप्लाई तक सीमित पहुंच
  • मानवीय-सुरक्षा विरोधाभास: न्यूट्रल मेडिकल कॉरिडोर की ज़रूरत और सक्रिय सैन्य ऑपरेशंस के बीच संतुलन
  • इंटरनेशनल लॉ में कमी: इंटरनेशनल ह्यूमैनिटेरियन लॉ के तहत सिविलियन मेडिकल फैसिलिटीज की सुरक्षा लागू करने में मुश्किल

मुख्य शब्द: मानवीय संकट · बेरोकट हिंसा · मेडिकल एथिक्स · अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून · नागरिक सुरक्षा

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भारत सरकार ने UAE यात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उनकी सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से 2026 के लिए सीमा शुल्क सामान (customs baggage) नियमों में बड़े बदलाव लागू किए हैं

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने UAE यात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उनकी सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से 2026 के लिए सीमा शुल्क सामान (customs baggage) नियमों में बड़े बदलाव लागू किए हैं।

नए नियमों के तहत भारतीय निवासियों, NRIs, भारतीय मूल के व्यक्तियों और वैध वीजा वाले विदेशी नागरिकों के लिए ड्यूटी-फ्री अलाउंस (duty-free allowance) को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। सोने के गहनों की सीमा अब महिला यात्रियों के लिए 40 ग्राम और पुरुष एवं अन्य यात्रियों के लिए 20 ग्राम निर्धारित की गई है, जिसमें कोई मूल्य सीमा (value cap) लागू नहीं होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवैध वीजा वाले NRIs और विदेशी नागरिकों सहित अधिकांश यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री अलाउंस (Duty-free allowance) को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।
  • तथ्यसोने के गहनों की सीमा: महिला यात्रियों के लिए 40 ग्राम और पुरुष एवं अन्य यात्रियों के लिए 20 ग्राम।
  • तथ्य18 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों पर लैपटॉप छूट (Laptop exemption) लागू होती है।
  • तथ्यकस्टम्स प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए अब डिजिटल बैगेज डिक्लेरेशन (Digital baggage declaration) के विकल्प उपलब्ध हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और शुल्क-मुक्त भत्तों (duty-free allowances) के पुनरीक्षण से यात्रा की सुगमता को बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने में किस प्रकार योगदान दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड फैसिलिटेशन: व्यक्तिगत और व्यावसायिक ट्रांजिट की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रक्रियात्मक रुकावटें कम करना
  • राजस्व बनाम सुविधा: बेहतर पैसेंजर एक्सपीरियंस के लक्ष्य के साथ उच्च ड्यूटी-फ्री लिमिट के राजकोषीय असर में संतुलन

मुख्य शब्द: यात्रा में आसानी · कस्टम्स सुधार · व्यापार सुगमता · द्विपक्षीय संबंध · रेगुलेटरी सरलीकरण

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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा को सूचित किया कि भारत-U.एस

चर्चा में क्यों: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा को सूचित किया कि भारत-U.एस. व्यापार समझौता भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ (Tariff) को घटाकर 18% कर देगा, जबकि संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

इस व्यापार समझौते का उद्देश्य भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ (Tariff) को 50% से घटाकर 18% करना है। यह समझौता 'मेक इन इंडिया' और 'डिजाइन इन इंडिया' पहलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विमानन और परमाणु क्षेत्रों में अमेरिका को एक आपूर्तिकर्ता (Supplier) के रूप में उपयोग करने पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यटैरिफ रिडक्शन: भारत-U.एस. ट्रेड डील के तहत भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने का प्रस्ताव।
  • तथ्यसंरक्षित क्षेत्र: इस समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर को व्यापार उदारीकरण (trade liberalisation) से स्पष्ट रूप से सुरक्षित रखा गया है।
  • तथ्यरणनीतिक क्षेत्र: भारत के लिए विमानन (aviation) और परमाणु (nuclear) क्षेत्रों में यू.एस. को एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: द्विपक्षीय व्यापार समझौते व्यापार उदारीकरण के उद्देश्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों की सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड-ऑफ: औद्योगिक विकास के लिए टैरिफ में कटौती और निर्वाह आधारित कृषि आजीविका की सुरक्षा के बीच संतुलन
  • रणनीतिक तालमेल: एविएशन और न्यूक्लियर सेक्टर में महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और एनर्जी इनपुट्स हासिल करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ में कटौती · रणनीतिक स्वायत्तता · MSME सशक्तिकरण · मेक इन इंडिया

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टैरिफ में कटौती की घोषणा के बाद भारत-U.एस

चर्चा में क्यों: टैरिफ में कटौती की घोषणा के बाद भारत-U.एस. व्यापार समझौते ने बाजारों को गति दी है और निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों को लाभ पहुँचाया है, हालांकि इसके दायरे और रूसी तेल के आयात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इस व्यापार समझौते में निर्यात-आधारित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारी टैरिफ कटौती (tariff cuts) शामिल है। वर्तमान अनिश्चितता के प्रमुख क्षेत्रों में समझौते की विशिष्ट समय-सीमा, इसका समग्र दायरा और रूसी तेल के भारतीय आयात से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत-U.एस. ट्रेड डील में एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स को फायदा पहुँचाने के लिए भारी टैरिफ कटौती शामिल है।
  • तथ्यवर्तमान व्यापार समझौते के ढांचे में रूसी तेल का आयात अनिश्चितता का एक बिंदु बना हुआ है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के संदर्भ में, ऊर्जा आयात से संबंधित भू-राजनीतिक जटिलताओं के साथ बाजार उदारीकरण के संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका के प्रतिबंधों के साथ तालमेल और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन
  • मार्केट डायनेमिक्स: भारत के एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस पर टैरिफ कटौती का असर

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ में कटौती · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीय व्यापार · मार्केट स्टिमुलेशन

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पाकिस्तान, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) तनाव कम करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए तुर्की के नेतृत्व में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने वाले हैं

चर्चा में क्यों: पाकिस्तान, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) तनाव कम करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए तुर्की के नेतृत्व में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने वाले हैं।

वार्ता शुक्रवार को तुर्की में होने वाली है। इसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, मिस्र, ओमान और UAE सहित कई क्षेत्रीय शक्तियां शामिल हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ के मिलने की उम्मीद है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • पदइशाक दर: पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर।
  • पदअब्बास अराघची: ईरान के विदेश मंत्री।
  • पदस्टीव विटकोफ: US एन्वॉय।
  • स्थानतुर्की: शांति वार्ता की मेजबान देश।
  • तथ्यक्षेत्रीय प्रतिभागी: पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, मिस्र, ओमान और UAE।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अमेरिका-ईरान परमाणु गतिरोध के मध्यस्थता में क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका और मध्य पूर्वी भू-राजनीतिक स्थिरता पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • बहुपक्षीय मध्यस्थता: अमेरिका-ईरान परमाणु तनाव कम करने के लिए तटस्थ प्लेटफॉर्म के रूप में तुर्की की भूमिका
  • क्षेत्रीय तालमेल: कूटनीतिक नतीजों को आकार देने में GCC देशों का प्रभाव
  • परमाणु अप्रसार: ईरानी परमाणु कार्यक्रम की चिंताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा आर्किटेक्चर के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: तनाव कम करना · बहुपक्षीय डिप्लोमेसी · परमाणु अप्रसार · भू-राजनीतिक स्थिरता · क्षेत्रीय मध्यस्थता

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भारत और भूटान ने बिजली क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है

चर्चा में क्यों: भारत और भूटान ने बिजली क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें विशिष्ट जलविद्युत परियोजनाओं (hydroelectric projects) से उत्पादन को अधिकतम करने और 2040 तक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल और भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो जेम शेरिंग ने पुनात्संगचू-I, पुनात्संगचू-II और संकोश जलविद्युत परियोजनाओं (Hydropower Projects) पर चर्चा करने के लिए बैठक की। इस समझौते में बिजली शेड्यूलिंग की मंजूरी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और 2040 तक के बुनियादी ढांचे की योजना (Infrastructure Planning) शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यपुनत्सांगछू-I, पुनत्सांगछू-II और संकोश सहयोग के लिए चर्चा किए गए प्रमुख हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स हैं।
  • तथ्यट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग का लक्ष्य साल 2040 तक निर्धारित किया गया है।
  • पदल्योनपो जेम शेरिंग भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के संदर्भ में जलविद्युत क्षेत्र में भारत और भूटान के बीच सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • ग्रिड इंटीग्रेशन: क्रॉस-बॉर्डर हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन्स को सिंक्रोनाइज़ करने में तकनीकी चुनौतियां
  • एनर्जी डिप्लोमेसी: भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांज़िशन के लिए भूटान के हाइड्रोपावर का इस्तेमाल
  • रेगुलेटरी स्ट्रीमलाइनिंग: संप्रभु मंजूरी प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे की तत्काल जरूरतों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: एनर्जी डिप्लोमेसी · जलविद्युत शक्ति · क्षेत्रीय एकीकरण · इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग · सतत विकास

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

विदेश मंत्री एस

चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय व्यापार समझौते और महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) एवं ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की गई।

यह बैठक 3 फरवरी, 2026 को वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित की गई। चर्चा मुख्य रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण (Exploration), खनन, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित रही।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदएस. जयशंकर: भारत के External Affairs Minister।
  • पदमार्को रूबियो: U.S. Secretary of State
  • तथ्यबैठक की तारीख: 3 फरवरी, 2026।
  • संस्थाQuad: Indo-Pacific सहयोग के लिए एक Multilateral mechanism।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एक समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सिंगल-सोर्स सप्लायर्स पर निर्भरता कम करना
  • स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट: क्षेत्रीय समुद्री और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए क्वाड मैकेनिज्म का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · क्रिटिकल मिनरल्स · ऊर्जा सुरक्षा · इंडो-पैसिफिक · रणनीतिक स्वायत्तता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरमेन्स

यूक्रेन, यूरोपीय और US अधिकारियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि यदि रूस भविष्य में होने वाले सीजफायर (ceasefire) समझौतों का लगातार उल्लंघन करता है

चर्चा में क्यों: यूक्रेन, यूरोपीय और US अधिकारियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि यदि रूस भविष्य में होने वाले सीजफायर (ceasefire) समझौतों का लगातार उल्लंघन करता है, तो पश्चिमी देशों के समर्थन वाले बलों की भागीदारी के साथ एक समन्वित सैन्य प्रतिक्रिया दी जाएगी।

इस प्रस्ताव में तीन चरणों वाली एक योजना शामिल है: सबसे पहले एक कूटनीतिक चेतावनी (diplomatic warning) दी जाएगी, उसके बाद यूक्रेन द्वारा जवाबी कार्रवाई की जाएगी, और अंततः तीन दिनों तक लगातार लड़ाई जारी रहने के बाद पश्चिमी देशों के समर्थन वाली सेना का हस्तक्षेप होगा, जिसमें अमेरिकी सेना शामिल होगी। इस योजना पर दिसंबर और जनवरी में चर्चा की गई थी और आगामी शांति योजना वार्ता के दौरान इसका परीक्षण किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यसीजफायर उल्लंघन के बाद तीन दिनों तक लगातार जारी लड़ाई के बाद पश्चिमी देशों समर्थित बलों का हस्तक्षेप शुरू हुआ।
  • तथ्यप्रस्ताव में सैन्य हस्तक्षेप (military intervention) तक पहुँचने से पहले कूटनीतिक चेतावनियों की एक श्रृंखला शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक भू-राजनीतिक संघर्षों में समन्वित पश्चिमी सैन्य हस्तक्षेपों का कूटनीतिक युद्धविराम तंत्र की प्रभावकारिता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एस्केलेशन का जोखिम: डिप्लोमैटिक मेडिएशन से सीधे सैन्य टकराव में तेजी से बदलने की संभावना
  • सामूहिक सुरक्षा: क्षेत्रीय संघर्ष प्रबंधन में पश्चिमी समर्थित एकीकृत सैन्य संरचनाओं की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: सामूहिक सुरक्षा · एस्केलेशन लैडर · डिप्लोमैटिक मेडिएशन · भू-राजनीतिक स्थिरता · समन्वित हस्तक्षेप

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत एवं पड़ोसी देशमेन्स

द हिंदू ने इस बात पर जोर दिया है कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और 2026 में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के कारण भारत को अपने बहु-आयामी सुरक्षा दृष्टिकोण (multi-front security approach) का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है

चर्चा में क्यों: द हिंदू ने इस बात पर जोर दिया है कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और 2026 में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के कारण भारत को अपने बहु-आयामी सुरक्षा दृष्टिकोण (multi-front security approach) का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।

भारत एक जटिल क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य का सामना कर रहा है, जिसमें बांग्लादेश में राजनीतिक संकट, पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर (proxy war) रणनीति और तिब्बत में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति शामिल है। यह लेख उल्लेख करता है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति एक अधिक मुखर रुख अपनाने में योगदान दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यऑपरेशन सिंदूर: एक सुरक्षा ऑपरेशन जिसे भारत के आक्रामक राष्ट्रीय सुरक्षा रुख (national security posture) में योगदान देने वाला माना जाता है।
  • स्थानतिब्बत: वह क्षेत्र जहाँ चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को भारत के लिए सुरक्षा चिंता के रूप में देखा जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के पड़ोस में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों से उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और बहु-आयामी सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए उपयुक्त रणनीतियों का सुझाव दीजिए।

  • प्रॉक्सि वॉर की गतिशीलता: पाकिस्तान की एसिमेट्रिक वॉरफेयर रणनीति और सीमा पार घुसपैठ पर चर्चा
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: बांग्लादेश के राजनीतिक संकट के सुरक्षा प्रभावों का प्रबंधन
  • बॉर्डर मैनेजमेंट: तिब्बत क्षेत्र में चीन के बढ़ते मिलिट्री फुटप्रिंट का मुकाबला

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक उथल-पुथल · बहु-मोर्चा खतरे · प्रॉक्सी वॉर · राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति · क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत एवं पड़ोसी देशमेन्स

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ' शुरू किया है

चर्चा में क्यों: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ' शुरू किया है, जिसके कारण समन्वित हमलों में वृद्धि हुई है और पाकिस्तान द्वारा एक बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।

BLA (Balochistan Liberation Army) द्वारा बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में आत्मघाती बम विस्फोट और सशस्त्र हमलों के साथ 'ऑपरेशन हेरोफ' (Operation Herof) चलाया जा रहा है। भारत और अफगानिस्तान ने इन हमलों में विदेशी हस्तक्षेप के पाकिस्तान के आरोपों को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यऑपरेशन हेरोफ (Operation Herof): बलूचिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा चलाया गया एक अभियान।
  • स्थानबलूचिस्तान: पाकिस्तान का एक प्रांत जहाँ वर्तमान में विद्रोही हिंसा (insurgent violence) में वृद्धि देखी जा रही है।
  • पदभारत और अफगानिस्तान: वे देश जिन्होंने BLA की गतिविधियों में विदेशी हस्तक्षेप के पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बलूचिस्तान में उग्रवाद के लिए उत्तरदायी कारकों का विश्लेषण कीजिए और पाकिस्तान की क्षेत्रीय सुरक्षा एवं आर्थिक स्थिरता पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।

  • संसाधन संघर्ष: केंद्रीय अधिकारियों द्वारा खनिज और ऊर्जा संसाधनों के दोहन पर नाराजगी
  • भर्ती की गतिशीलता: राजनीतिक उपेक्षा के नैरेटिव के जरिए निराश युवाओं को लामबंद करने की BLA की क्षमता
  • भू-राजनीतिक तनाव: आंतरिक सुरक्षा में विदेशी हस्तक्षेप पर अलग-अलग दावों से पैदा हुआ राजनयिक तनाव

मुख्य शब्द: उग्रवाद · आतंकवाद विरोधी · संसाधनों का दोहन · क्षेत्रीय सुरक्षा · असिमेट्रिक वॉरफेयर

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ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी करके इसे $100,000 कर दिया है

चर्चा में क्यों: ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी करके इसे $100,000 कर दिया है, जिससे भारतीय तकनीकी प्रतिभाओं के बाहर होने और द्विपक्षीय सहयोग पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

ट्रम्प प्रशासन ने H-1B वीजा के लिए 100,000 डॉलर का शुल्क लागू किया है। ये कदम आव्रजन और व्यापार नीतियों में व्यापक बदलाव का हिस्सा हैं, जो प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को प्रभावित करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यH-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी: $100,000।
  • पदट्रम्प प्रशासन: इमिग्रेशन और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव लागू करना।
  • तथ्यप्राथमिक प्रभाव: टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारतीय प्रोफेशनल्स।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाई गई प्रतिबंधात्मक आप्रवासन नीतियों और वीजा शुल्क में वृद्धि वैश्विक प्रतिभा पाइपलाइन और भारत एवं अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • आर्थिक बाधा: हाई एंट्री कॉस्ट हाई-स्किल्ड भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए रुकावट पैदा कर रही है
  • डिप्लोमैटिक रीकैलिब्रेशन: व्यापार और इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव के कारण द्विपक्षीय सहयोग में संभावित बदलाव
  • इनोवेशन में रुकावट: कुशल मानव पूंजी तक सीमित पहुंच से वैश्विक इनोवेशन कम होने का जोखिम

मुख्य शब्द: मानव पूंजी · द्विपक्षीय सहयोग · माइग्रेशन पॉलिसी · आर्थिक डिप्लोमेसी · टैलेंट पाइपलाइन

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि भारत 2 फरवरी

चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि भारत 2 फरवरी, 2026 को संरक्षण रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए पहला 'ग्लोबल बिग कैट समिट' (Global Big Cat Summit) आयोजित करेगा।

इस शिखर सम्मेलन में 95 रेंज देशों के मंत्री शामिल होंगे और इसका आयोजन इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) के समन्वय से किया जा रहा है। IBCA एक बहु-देशीय गठबंधन है जिसमें 90 से अधिक बिग कैट रेंज और नॉन-रेंज देश शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIBCA: International Big Cat Alliance, 90 से अधिक बिग कैट रेंज और नॉन-रेंज देशों का एक मल्टी-कंट्री गठबंधन है।
  • तथ्यग्लोबल बिग कैट समिट (Global Big Cat Summit) में 95 रेंज देशों के मंत्री शामिल होंगे।
  • स्थानभारत पहले ग्लोबल बिग कैट समिट (Global Big Cat Summit) का मेजबान देश है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक जैव विविधता संरक्षण लक्ष्यों की प्राप्ति में 'इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस' जैसे बहुपक्षीय गठबंधनों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: ग्लोबल साउथ की आवाज़ के रूप में वैश्विक संरक्षण में भारत का नेतृत्व
  • इकोलॉजिकल कनेक्टिविटी: प्रवासी बड़ी बिल्ली प्रजातियों के लिए सीमा पार संरक्षण रणनीतियों में तालमेल की चुनौतियां

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · बहुपक्षवाद · इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस · ग्लोबल साउथ नेतृत्व · वन्यजीव डिप्लोमेसी

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प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में फिलिस्तीन के राज्य मंत्री विदेश मंत्रालय वर्सन अघबेकियन शाहीन से मुलाकात की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में फिलिस्तीन के राज्य मंत्री विदेश मंत्रालय वर्सन अघबेकियन शाहीन से मुलाकात की। इस बैठक में भारत ने फिलिस्तीनियों के प्रति अपने समर्थन और गाजा शांति योजना (Gaza peace plan) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

यह बैठक 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान संपन्न हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों के बीच आपसी संबंधों और व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग के दृष्टिकोण पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदवर्सेन अघबेकियन शाहीन: फिलिस्तीन के विदेश मंत्री (Foreign Minister of State)।
  • स्थाननई दिल्ली: दूसरे भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन स्थल।
  • तथ्यभारत-अरब साझेदारी के मुख्य फोकस क्षेत्र: व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर।
  • संस्थाअरब लीग (Arab League): क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में इसकी भूमिका के लिए PM मोदी द्वारा मान्यता दी गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष की जटिलताओं के बीच अरब जगत के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारत द्वारा अपनाए गए संतुलन के दृष्टिकोण का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: अरब देशों पर बढ़ती ऊर्जा और व्यापार निर्भरता के बीच फिलिस्तीन के साथ ऐतिहासिक संबंधों को संतुलित करना
  • बहुपक्षीय कूटनीति: पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मध्यस्थता में अरब लीग की भूमिका का लाभ उठाना
  • आर्थिक एकीकरण: भारत-अरब कॉरिडोर में पारंपरिक व्यापार से हाई-टेक और हेल्थकेयर सहयोग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · पश्चिम एशिया की स्थिरता · लोग-से-लोग संबंध · बहुपक्षवाद · ऊर्जा सुरक्षा

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भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आधिकारिक रूप से 27 जनवरी को संपन्न हो गया

चर्चा में क्यों: भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आधिकारिक रूप से 27 जनवरी को संपन्न हो गया। यह समझौता भारतीय निर्यात पर टैरिफ (tariff) में कटौती की सुविधा के लिए दो दशकों से चल रही बातचीत को समाप्त करता है।

यह FTA भारत के EU को होने वाले कुल निर्यात मूल्य के लगभग 99% हिस्से को कवर करता है, जिसमें टेक्सटाइल, लेदर और केमिकल्स के लिए रियायतें शामिल हैं। इसमें IT/ITeS और शिक्षा जैसी सेवाओं में प्रतिबद्धताएं शामिल हैं, जबकि बीफ, पोल्ट्री और चावल जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यइंडिया-EU FTA भारत के EU को होने वाले निर्यात मूल्य के लगभग 99% को कवर करता है।
  • स्थानयह समझौता भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच है।
  • तथ्यडील से संवेदनशील कृषि उत्पादों में बीफ, पोल्ट्री और राइस शामिल नहीं हैं।
  • तथ्यFTA को 2026 में लागू करने की योजना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के निर्यात बास्केट में विविधता लाने और यूरोपीय संघ के साथ इसके आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • मार्केट एक्सेस: यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल और केमिकल्स पर टैरिफ में कटौती
  • सेवा क्षेत्र एकीकरण: आईटी/आईटीईएस और शिक्षा सेवाओं में भारत की स्थिति मजबूत करना
  • कृषि संरक्षणवाद: व्यापार उदारीकरण और संवेदनशील घरेलू वस्तुओं को बाहर रखने के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ में कटौती · निर्यात विविधीकरण · आर्थिक डिप्लोमेसी · मार्केट एक्सेस

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इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने गाजा पट्टी में हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 27 फिलिस्तीनी मारे गए

चर्चा में क्यों: इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने गाजा पट्टी में हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 27 फिलिस्तीनी मारे गए। यह कार्रवाई हमास द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा मध्यस्थता में किए गए युद्धविराम (ceasefire) के कथित उल्लंघन के बाद की गई।

IDF ने पूर्वी राफ़ा (Rafah) में लक्ष्यों पर हमला करने की पुष्टि की है, जिसमें विशेष रूप से भूमिगत आतंकी बुनियादी ढांचे और हथियारों के भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के दौरान गाजा पट्टी (Gaza Strip) के आवासीय क्षेत्रों, आश्रयों और एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यगाजा में इजरायली एयर स्ट्राइक्स (air strikes) में कम से कम 27 फिलिस्तीनी मारे गए।
  • स्थानये हमले गाजा स्ट्रिप (Gaza Strip) के पूर्वी राफ़ा (Rafah) में किए गए।
  • पदसीज़फायर एग्रीमेंट (Ceasefire agreement) को प्रेसिडेंट ट्रंप ने मध्यस्थता (brokered) करवाई थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के क्षेत्रीय स्थिरता और मध्य पूर्व में मध्यस्थता आधारित युद्धविराम समझौतों की प्रभावकारिता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • मानवीय संकट: रिहायशी इलाकों और शेल्टर में भारी नागरिक हताहतों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पालन को जटिल बना दिया
  • डिप्लोमैटिक अस्थिरता: गैर-राज्य अभिनेताओं के उल्लंघन के बीच बाहरी शक्तियों द्वारा तय किए गए सीज़फायर समझौतों को लागू करने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: असिमेट्रिक वॉरफेयर · मानवीय हस्तक्षेप · गैर-राज्य अभिनेता · क्षेत्रीय स्थिरता · सीज़फायर मध्यस्थता

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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत-फ्रांस साझेदारी को एक 'लाइफलाइन' (lifeline) के रूप में रेखांकित किया और रक्षा

चर्चा में क्यों: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत-फ्रांस साझेदारी को एक 'लाइफलाइन' (lifeline) के रूप में रेखांकित किया और रक्षा, तकनीक और संयुक्त मध्यस्थता (joint arbitration) में सहयोग पर जोर दिया।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भारतीय और फ्रांसीसी संस्थाओं के बीच संस्थागत साझेदारी को गहरा करने की वकालत की। उन्होंने विशेष रूप से सीमा पार के विवादों को सुलझाने के लिए संयुक्त मध्यस्थता (Arbitration) और मध्यस्थता (Mediation) पैनलों के गठन का प्रस्ताव रखा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदसूर्यकांत: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जनवरी 2026 तक।
  • तथ्यफ्रांस-भारत सहयोग के क्षेत्र: डिफेंस, सिक्योरिटी, सस्टेनेबल ग्रोथ और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज।
  • स्थानगंगा और सीन नदियाँ: साझा उद्देश्य और सांस्कृतिक प्रभाव के प्रतीकों के रूप में उद्धृत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: समकालीन भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच नेविगेट करने और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने में भारत-फ्रांस जैसे रणनीतिक साझेदारियों के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: सीमा पार विवादों को सुलझाने के लिए द्विपक्षीय मध्यस्थता पैनल को मजबूत करना
  • रणनीतिक स्वायत्तता: वैश्विक अस्थिरता का मुकाबला करने के लिए बहुआयामी रक्षा और सुरक्षा सहयोग का लाभ उठाना
  • तकनीकी संप्रभुता: टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए हाई-टेक सेक्टर में सहयोगात्मक प्रगति

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · भू-राजनीतिक तनाव · आर्बिट्रेशन · रक्षा सहयोग · संस्थागत तालमेल

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US-China इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (Economic and Security Review Commission) ने 2026 रिपोर्टिंग चक्र की अपनी पहली सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन बनाए रखने में भारत की भूमिका का आकलन किया जा सके

चर्चा में क्यों: US-China इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (Economic and Security Review Commission) ने 2026 रिपोर्टिंग चक्र की अपनी पहली सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन बनाए रखने में भारत की भूमिका का आकलन किया जा सके।

सुनवाई की तारीख 17 फरवरी को वाशिंगटन, DC में निर्धारित की गई है। इसमें अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका, दोनों के साथ भारत के भू-राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक और तकनीकी संबंधों की समीक्षा की जाएगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाUS-China Economic and Security Review Commission: एक ऐसी बॉडी जिसे चीन के संबंध में अमेरिका के आर्थिक और सुरक्षा हितों की समीक्षा करने का काम सौंपा गया है।
  • तथ्ययह 2026 रिपोर्टिंग साइकिल की पहली सार्वजनिक सुनवाई है।
  • स्थानवॉशिंगटन, DC: निर्धारित सुनवाई का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बदलते हुए अमेरिका-चीन शक्ति समीकरणों के बीच भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: चीन पर आर्थिक निर्भरता को संभालते हुए अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग में संतुलन बनाना
  • भू-राजनीतिक तनाव: क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सप्लाई चेन में 'चाइना फैक्टर' को मैनेज करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · शक्ति संतुलन · भू-राजनीति · राष्ट्रीय सुरक्षा

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स्मिथसोनियन के नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने भारत सरकार को तीन कांस्य मूर्तियों को वापस करने की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: स्मिथसोनियन के नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने भारत सरकार को तीन कांस्य मूर्तियों को वापस करने की घोषणा की है। यह निर्णय तब लिया गया जब प्रोवेनेंस रिसर्च (provenance research) में यह पुष्टि हुई कि इन मूर्तियों को मंदिरों से अवैध रूप से हटाया गया था।

स्मिथसोनियन संग्रहालय तीन मूर्तियाँ वापस कर रहा है, जिनमें 10वीं शताब्दी की नटराज और 12वीं शताब्दी की सोमस्कंद शामिल हैं। भारत सरकार ने इन मूर्तियों में से एक को संग्रहालय में दीर्घकालिक ऋण (long-term loan) पर रखने के लिए सहमति दी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानस्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट: यह यूनाइटेड स्टेट्स में स्थित है।
  • तथ्यनटराज स्कल्पचर (Nataraja sculpture): यह 10वीं शताब्दी का है।
  • तथ्यसोमस्कंद स्कल्पचर (Somaskanda sculpture): यह 12वीं शताब्दी का है।
  • तथ्यसमझौता: भारत म्यूजियम में एक स्कल्पचर (sculpture) को लॉन्ग-टर्म लोन पर रखेगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: चोरी की गई सांस्कृतिक विरासत की वापसी में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व और राष्ट्रीय पहचान के संरक्षण में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: लूटे गए पुरावशेषों की वापसी के लिए द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों का इस्तेमाल
  • उत्पत्ति का सत्यापन: पवित्र स्थलों से अवैध हटाने की पुष्टि के लिए गहन पुरातात्विक शोध की ज़रूरत

मुख्य शब्द: सांस्कृतिक विरासत · पुनर्वास · उत्पत्ति अनुसंधान · द्विपक्षीय सहयोग · राष्ट्रीय पहचान

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इजराइली राजदूत रेउवेन अज़ार ने पुष्टि की है कि रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल आने के लिए निमंत्रण दिया गया है

चर्चा में क्यों: इजराइली राजदूत रेउवेन अज़ार ने पुष्टि की है कि रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल आने के लिए निमंत्रण दिया गया है।

वर्ष 2025 में भारत और इजरायल की साझेदारी में मंत्रिस्तरीय बैठकों और निवेश, सुरक्षा एवं मुक्त व्यापार पर हुए समझौतों के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई। अंतर्राष्ट्रीय होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस डे (International Holocaust Remembrance Day) के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आतंकवाद के खिलाफ इजरायल के साथ भारत की एकजुटता की पुष्टि की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदरेउवेन अज़ार: भारत में इजराइली एंबेसडर।
  • तथ्यभारत और इज़राइल ने 2025 में निवेश, सुरक्षा और फ्री ट्रेड (free trade) के संबंध में समझौते किए।
  • तथ्यभारत ने इज़राइल पर हमास के हमले की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता व्यक्त की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: साझा सुरक्षा चिंताओं और तकनीकी सहयोग के संदर्भ में भारत-इजरायल साझेदारी के उभरते रणनीतिक और आर्थिक आयामों का विश्लेषण कीजिए।

  • सुरक्षा तालमेल: आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और गैर-राज्य तत्वों के खिलाफ इंटेलिजेंस शेयरिंग में सहयोग
  • आर्थिक एकीकरण: विशिष्ट निवेश और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के जरिए द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार
  • भू-राजनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय अस्थिरता के मुकाबले संतुलन बनाने के लिए संबंधों को मज़बूत करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · आतंकवाद विरोधी · द्विपक्षीय व्यापार · भू-राजनीतिक तालमेल · सुरक्षा सहयोग

GS2 के अन्य विषय

राजव्यवस्था एवं संविधान · शासन · सामाजिक न्याय

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