सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,351 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2764) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच फार्स की खाड़ी (Persian Gulf) में सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने एक बैठक की अध्यक्षता की

चर्चा में क्यों: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच फार्स की खाड़ी (Persian Gulf) में सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने एक बैठक की अध्यक्षता की।

इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो गया है, जिससे समुद्री व्यापार मार्गों पर प्रभाव पड़ा है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (Directorate General of Shipping) ने समुद्री ऑपरेटरों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, ताकि वे भारतीय नाविकों और जहाजों के लिए यात्रा-विशिष्ट जोखिमों का आकलन कर सकें।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट (chokepoint) जो वर्तमान में वेस्ट एशिया की उथल-पुथल से प्रभावित है।
  • संस्थाडायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (Directorate General of Shipping): समुद्री सुरक्षा एडवाइजरी जारी करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • तथ्ययह संघर्ष US, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से संबंधित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक समुद्री व्यापार में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व का परीक्षण कीजिए और क्षेत्रीय संघर्षों के भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • व्यापार में बाधा: मुख्य चोकपॉइंट्स बंद होने से फ्रेट कॉस्ट में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन में देरी
  • ऊर्जा सुरक्षा: फार्स की खाड़ी में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण तेल और गैस पारगमन मार्गों की संवेदनशीलता

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · ऊर्जा सुरक्षा · व्यापार मार्ग · रणनीतिक चोकपॉइंट्स

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

ईरान ने इजराइल पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं

चर्चा में क्यों: ईरान ने इजराइल पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जो बढ़ते संघर्ष का पांचवां दिन है और इसके कारण इजराइली शहरों में शेल्टर अलर्ट (shelter alerts) जारी किए गए हैं।

ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद तेहरान में विस्फोटों की खबरें सामने आईं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की कि उसकी जमीनी सेना ने युद्ध क्षेत्र में अभियान शुरू कर दिया है। सऊदी अरब और कुवैत ने ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट (intercept) कर लिया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्य4 मार्च, 2026 तक इज़राइल-ईरान संघर्ष अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गया।
  • स्थानतनाव बढ़ने के दौरान सऊदी अरब और कुवैत ने ईरान द्वारा दागे गए मिसाइलों को इंटरसेप्ट (intercept) किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: इजरायल-ईरान संघर्ष के बढ़ते तनाव के क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्रीय अस्थिरता: गल्फ ट्रेड रूट्स और समुद्री कॉरिडोर में फैलने का खतरा
  • सुरक्षा आर्किटेक्चर: मौजूदा क्षेत्रीय रक्षा समझौतों और GCC देशों की इंटरसेप्टर क्षमताओं पर दबाव

मुख्य शब्द: प्रतिशोधी हमले · क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी · समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक अस्थिरता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक सैन्य हमला शुरू किया, जिसमें आयतोलला अली खामेनेई सहित कई नेताओं को निशाना बनाया गया

चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक सैन्य हमला शुरू किया, जिसमें आयतोलला अली खामेनेई सहित कई नेताओं को निशाना बनाया गया। इसके कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

अमेरिकी-इजराइली गठबंधन ने ईरानी नेताओं और ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप नागरिक हताहत हुए। यह हमला ट्रंप के छह महीने से कम समय के भीतर किया गया दूसरा सैन्य अभियान है। चीन और रूस ने इस कार्रवाई की निंदा की है, जबकि पश्चिमी देश इस पर मौन रहे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसैन्य हमला US-इजरायल गठबंधन द्वारा किया गया था।
  • स्थानइस हमले का लक्ष्य ईरानी नेताओं और सुविधाओं को निशाना बनाना था, जिसमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे।
  • तथ्ययह स्ट्राइक 6 महीने से कम समय में डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा सैन्य अभियान (military venture) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: ईरान पर हमलों पर रूस और चीन की निंदा बनाम पश्चिमी देशों की चुप्पी
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: मध्य पूर्व संघर्ष से स्पिलओवर प्रभाव और आर्थिक नतीजों की संभावना
  • राजनयिक तनाव: ईरानी नेतृत्व की हत्या के बाद पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना बढ़ी

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी · आर्थिक परिणाम · द्विपक्षीय तनाव · सैन्य हस्तक्षेप

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 2,000 हमले किए हैं

चर्चा में क्यों: अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 2,000 हमले किए हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले टैंकरों के लिए अमेरिकी नौसेना द्वारा सुरक्षा प्रदान करने का सुझाव दिया है।

अमेरिकी सेना ने युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान के भीतर लक्ष्यों पर लगभग 2,000 हमलों की सूचना दी है। ब्रिटेन सरकार वर्तमान में मध्य पूर्व से ब्रिटिश नागरिकों को निकालने (evacuation) में सहायता कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यUS मिलिट्री का दावा है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 2,000 स्ट्राइक्स (strikes) किए गए हैं।
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक समुद्री मार्ग जहाँ US ने टैंकरों के लिए नेवी एस्कॉर्ट (navy escort) का सुझाव दिया।
  • तथ्यरिपोर्ट्स के अनुसार, हड़तालों का पैमाना 2003 के इराक के खिलाफ 'शॉक-एंड-अवे' (shock-and-awe) ऑपरेशन से भी अधिक है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: मिडिल ईस्ट क्षेत्र से निर्यात बाधित होने के कारण वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव
  • समुद्री सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की आज़ादी को जोखिम और नौसैनिक टकराव की संभावना
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: लेबनानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर इजराइली हमलों का असर और आसपास के नागरिक हताहत

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री व्यापार · तनाव कम करना · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब 11वें राइसीना डायलॉग (Raisina Dialogue) में भाग लेने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत के दौरे पर हैं

चर्चा में क्यों: फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब 11वें राइसीना डायलॉग (Raisina Dialogue) में भाग लेने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत के दौरे पर हैं।

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब 4 से 7 मार्च, 2026 तक भारत के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वे 11वें रायसीना डायलॉग (Raisina Dialogue) में भाग लेंगे और मुंबई में भारत के राष्ट्रपति तथा व्यापारिक नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदअलेक्जेंडर स्टब: फिनलैंड के प्रेसिडेंट।
  • स्थानRaisina Dialogue: इसकी मेजबानी नई दिल्ली में की जाती है।
  • तथ्यAI Impact Summit के लिए फिनिश PM Petteri Orpo की यात्रा के बाद प्रेसिडेंट Stubb का दौरा हुआ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में 'रायसीना संवाद' के महत्व और वैश्विक बहु-पक्षीय संरेखण (multi-alignment) को आकार देने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिमी और ग्लोबल साउथ पार्टनर्स के साथ संबंधों को संतुलित करने के लिए मल्टीलैटरल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल
  • टेक-डिप्लोमेसी: द्विपक्षीय व्यापार और सुरक्षा फ्रेमवर्क में AI गवर्नेंस और डिजिटल सहयोग को जोड़ना

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · रायसीना डायलॉग · मल्टी-एलाइनमेंट · द्विपक्षीय सहयोग · टेक-डिप्लोमेसी

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधमेन्स

ईरान ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन के जवाब में खाड़ी के अरब देशों की नागरिक इमारतों

चर्चा में क्यों: ईरान ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन के जवाब में खाड़ी के अरब देशों की नागरिक इमारतों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

ईरान ने खाड़ी अरब देशों में नागरिक इमारतों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को निशाना बनाया। इन हमलों में उन सैन्य ठिकानों पर भी प्रहार किया गया जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है। यह तनाव अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन के बाद बढ़ा है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यईरान ने खाड़ी अरब देशों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे (energy infrastructure) को निशाना बनाया।
  • तथ्यइरान द्वारा लक्षित खाड़ी (Gulf) के सैन्य ठिकानों में अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के भू-राजनीतिक स्थिरता और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: इंफ्रास्ट्रक्चर हमलों के कारण ग्लोबल ऑयल और गैस सप्लाई चेन में रुकावट की संभावना
  • भू-राजनीतिक संतुलन: अमेरिकी सुरक्षा संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के बीच तटस्थता बनाए रखने में खाड़ी देशों की चुनौती
  • सिक्योरिटी डिलेमा: ईरान-इजरायल के बीच सीधे सैन्य टकराव से क्षेत्रीय स्पिलओवर का बढ़ा खतरा

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक स्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · क्षेत्रीय स्पिलओवर · रणनीतिक स्वायत्तता · सुरक्षा दुविधा

स्रोत: अल जज़ीरा ↗+2 और खबरें इस विषय पर
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने 27 फरवरी से 2 मार्च

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने 27 फरवरी से 2 मार्च, 2026 तक भारत में कार्नी के दौरे के दौरान भारत-कनाडा साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

नेताओं ने रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों (critical technologies), छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर समझौते किए और एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (comprehensive economic partnership agreement) की योजना बनाई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यमार्क कार्नी ने 27 फरवरी से 2 मार्च, 2026 तक भारत का दौरा किया।
  • तथ्ययूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) की आपूर्ति के लिए विशेष रूप से समझौते किए गए।
  • तथ्यसहयोग के क्षेत्रों में छोटे और मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (Small and Modular Reactors) और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) शामिल हैं।
  • तथ्यभविष्य के लिए एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement) की योजना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के संदर्भ में महत्वपूर्ण खनिजों और परमाणु प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कनाडा के साथ बढ़ते सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण मिनरल्स के लिए सिंगल-सोर्स ओरिजिन्स पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी तालमेल: विकेंद्रीकृत बिजली के लिए छोटे और मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों में सहयोगी आरएंडडी
  • ट्रेड आर्किटेक्चर: द्विपक्षीय सहयोग से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · क्रिटिकल मिनरल्स · परमाणु सहयोग · नवीकरणीय ऊर्जा · आर्थिक साझेदारी

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधमेन्स

डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों तथा IRGC को निशाना बनाते हुए एक अचानक हमला किया

चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों तथा IRGC को निशाना बनाते हुए एक अचानक हमला किया, जिसका घोषित उद्देश्य शासन परिवर्तन (Regime Change) था।

यह हमला मार्च 2026 के एक शनिवार को हुआ था। इसमें विशेष रूप से ईरान के परमाणु और मिसाइल बुनियादी ढांचे (infrastructure) के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को निशाना बनाया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकIRGC: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps), ईरानी सशस्त्र बलों की एक शाखा।
  • तथ्यहमले के प्राथमिक लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम थे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान में शासन परिवर्तन के भू-राजनीतिक निहितार्थों और उसकी परमाणु बुनियादी संरचना पर लक्षित सैन्य हमलों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली क्षेत्रीय अस्थिरता की संभावना का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्रीय सुरक्षा में खालीपन: मिडिल ईस्ट में गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा सत्ता का शून्य भरने का जोखिम
  • परमाणु प्रसार का जोखिम: बुनियादी ढांचे के विनाश के दौरान अवैध परमाणु सामग्री के लीक होने की संभावना
  • जातीय संघर्ष में बढ़ोतरी: आंतरिक अस्थिरता का जोखिम सांप्रदायिक और जातीय हिंसा को बढ़ावा दे रहा है

मुख्य शब्द: सत्ता परिवर्तन · परमाणु अप्रसार · भू-राजनीतिक अस्थिरता · असिमेट्रिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय सुरक्षा

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय हमलों पर चिंता व्यक्त करने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए ओमान और कुवैत के नेताओं से बात की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय हमलों पर चिंता व्यक्त करने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए ओमान और कुवैत के नेताओं से बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने 3 मार्च, 2026 को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस सभा अल-खलेद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने रमजान के दौरान नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवाद और संयम की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदसुल्तान हैथम बिन तारिक: ओमान के सुल्तान।
  • पदसबा अल-खलेद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबा: कुवैत के क्राउन प्रिंस।
  • तथ्यMEA ने विशेष रूप से रमजान के दौरान नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए संयम बरतने की अपील की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय संघर्षों के बीच सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और अपने प्रवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदर्भ में भारत की कूटनीतिक रणनीति का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग: क्षेत्रीय सुरक्षा की अस्थिरता को देखते हुए खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना
  • डायस्पोरा सुरक्षा: संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ आर्थिक हितों का संतुलन

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · डायस्पोरा की सुरक्षा · क्षेत्रीय स्थिरता · बहुपक्षीय डिप्लोमेसी

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार हो रहे हमलों के साथ बढ़ गया है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं

चर्चा में क्यों: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार हो रहे हमलों के साथ बढ़ गया है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

यह संघर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच है। वर्तमान स्थिति दोनों पक्षों द्वारा निरंतर किए जा रहे हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की विशेषता है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यइस संघर्ष में मुख्य रूप से US, इज़राइल और ईरान शामिल हैं।
  • स्थानयह संघर्ष Middle East क्षेत्र में केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: समुद्री व्यापार मार्गों को प्रभावित करने वाला मल्टी-फ्रंट एस्केलेशन का जोखिम
  • सिक्योरिटी डिलेमा: मध्य पूर्वी डिप्लोमैटिक मेडिएशन पर प्रॉक्सी वॉरफेयर का प्रभाव

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय अस्थिरता · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी · रणनीतिक स्वायत्तता · सुरक्षा दुविधा

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

दुबई के एयरपोर्ट्स और महत्वपूर्ण स्थलों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नुकसान पहुँचाया है और निवेशकों व निवासियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में शहर की स्थिति पर चिंताएँ बढ़ा दी हैं

चर्चा में क्यों: दुबई के एयरपोर्ट्स और महत्वपूर्ण स्थलों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नुकसान पहुँचाया है और निवेशकों व निवासियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में शहर की स्थिति पर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, ईरान ने दुबई पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों ने हवाई अड्डों और प्रतिष्ठित स्थलों को निशाना बनाया, जिससे बुनियादी ढांचे (infrastructure) के बंद होने और हवाई यात्रा में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमिडल ईस्ट क्षेत्र में लगभग 10 मिलियन भारतीय रहते हैं।
  • स्थानरिपोर्ट की गई मिसाइल स्ट्राइक्स (missile strikes) का मुख्य स्थान दुबई है।
  • तथ्यइरान पर US-इजराइल के हमलों के बाद मार्च 2026 में ये स्ट्राइक (strikes) हुईं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में क्षेत्रीय भू-राजनीतिक संघर्षों का दुबई जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • इन्वेस्टमेंट रिस्क: मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशंस के लिए फिजिकल सिक्योरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेबिलिटी को लेकर अनिश्चितता
  • भू-राजनीतिक असर: क्षेत्रीय सैन्य संघर्षों का अंतरराष्ट्रीय विमानन और व्यापार गलियारों पर प्रभाव
  • डायस्पोरा की संवेदनशीलता: संघर्ष वाले क्षेत्रों में बड़ी प्रवासी आबादी के लिए सुरक्षा जोखिम

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक जोखिम · इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट · सेफ-हेवन स्टेटस · क्षेत्रीय अस्थिरता · आर्थिक अनिश्चितता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

अमेरिका और इजरायल की सेनाओं द्वारा किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) हमलों के बाद

चर्चा में क्यों: अमेरिका और इजरायल की सेनाओं द्वारा किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) हमलों के बाद, सैटेलाइट इमेजरी और IAEA की रिपोर्ट ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को हुए व्यापक नुकसान की पुष्टि की है।

इन हमलों का लक्ष्य नतन्ज़ (Natanz) परमाणु कॉम्प्लेक्स था, जिसमें तीन इमारतों को नष्ट कर दिया गया और कोनारक के पास स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुँचा। इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप सुप्रीम लीडर आयतोलला अली खामेनेई और लगभग 40 वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थाननतन्ज़: ईरान में एक परमाणु कॉम्प्लेक्स (Nuclear Complex) का स्थल जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) में निशाना बनाया गया।
  • संस्थाIAEA: नतन्ज़ (Natanz) में नुकसान की पुष्टि की गई, लेकिन किसी भी संभावित रेडियोलॉजिकल (radiological) परिणामों की सूचना नहीं दी गई।
  • तथ्यऑपरेशन Epic Fury: ईरानी नेतृत्व और सैन्य ठिकानों पर US और इज़राइली हमलों से संबंधित सैन्य ऑपरेशन।
  • विज्ञान-तकनीकसेंट्रीफ्यूज (Centrifuges): नतन्ज़ (Natanz) की इमारतों में रखे उपकरण, जो संभावित रूप से हमलों से प्रभावित हो सकते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में परमाणु बुनियादी ढांचे पर सीधे सैन्य हमलों के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन: IAEA की निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सेफ़गार्ड्स पर भरोसे में कमी
  • क्षेत्रीय तनाव: प्रॉक्सी-वॉर विस्तार और बड़ी शक्तियों के बीच सीधे पारंपरिक संघर्ष का खतरा
  • रणनीतिक प्रतिरोध: ईरानी नेतृत्व के खिलाफ डिप्लोमैटिक मेडिएशन से किनेटिक मिलिट्री एक्शन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: गैर-प्रसार · काइनेटिक वॉरफेयर · रणनीतिक निवारण · क्षेत्रीय वर्चस्व · परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

वर्षों तक खुफिया निगरानी के बाद, अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए एक समन्वित हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोलला अली खमैनी मारे गए

चर्चा में क्यों: वर्षों तक खुफिया निगरानी के बाद, अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए एक समन्वित हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोलला अली खमैनी मारे गए।

इस ऑपरेशन का लक्ष्य तेहरान में खमैनी का परिसर था और इसने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को प्रभावित किया। इस हमले को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ चर्चा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अधिकृत किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइजरायल की इंटेलिजेंस यूनिट 8200 सर्विलांस और डेटा इकट्ठा करने के लिए जिम्मेदार थी।
  • स्थानस्ट्राइक का लक्ष्य ईरान के तेहरान में एक कंपाउंड था।
  • पदइस ऑपरेशन को US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अधिकृत किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था पर प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप और लक्षित हमलों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्रीय अस्थिरता: मध्य पूर्व में प्रॉक्सी वॉर बढ़ने और हिंसा फैलने का खतरा
  • न्यूक्लियर सिक्योरिटी: गुप्त परमाणु गतिविधियों या मौजूदा सुविधाओं में तोड़फोड़ की बढ़ती संभावना
  • इंटेलिजेंस-लेड वॉरफेयर: सटीक स्ट्राइक्स और 'पैटर्न ऑफ लाइफ' सर्विलांस को प्राथमिक सिद्धांत के रूप में प्राथमिकता

मुख्य शब्द: प्रिसिजन स्ट्राइक · इंटेलिजेंस-लेड वॉरफेयर · क्षेत्रीय स्थिरता · गैर-प्रसार · असिमेट्रिक वॉरफेयर

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

ड्रोन हमलों के कारण कतर ने LNG उत्पादन रोक दिया है, जिससे भारत और यूरोप में ईंधन की कमी हो गई है और GAIL और IOC जैसी भारतीय कंपनियों को अपनी आपूर्ति कम करने पर मजबूर होना पड़ा है

चर्चा में क्यों: ड्रोन हमलों के कारण कतर ने LNG उत्पादन रोक दिया है, जिससे भारत और यूरोप में ईंधन की कमी हो गई है और GAIL और IOC जैसी भारतीय कंपनियों को अपनी आपूर्ति कम करने पर मजबूर होना पड़ा है।

कतर ने अपनी सुविधाओं पर ड्रोन हमलों के बाद LNG उत्पादन को निलंबित कर दिया है। भारतीय कंपनियों GAIL, इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) और पेट्रोनेट LNG लिमिटेड ने अस्थायी आपूर्ति में कटौती की है और कमी को प्रबंधित करने के लिए स्पॉट टेंडर्स (Spot Tenders) की योजना बना रही हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यGAIL, इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) और पेट्रोनेट LNG लिमिटेड गैस सप्लाई में रुकावट पर प्रतिक्रिया देने वाली भारतीय संस्थाएं हैं।
  • तथ्यईंधन की कमी का कारण कतरी सुविधाओं पर ड्रोन हमले और ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध, दोनों को माना जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता के परिप्रेक्ष्य में भारत की ऊर्जा सुरक्षा की संवेदनशीलता का विश्लेषण कीजिए और ऊर्जा आयात के विविधीकरण हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: मिडिल ईस्ट से LNG पर भारी निर्भरता क्षेत्रीय भू-राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील बनाती है
  • मार्केट में उतार-चढ़ाव: सप्लाई में रुकावट से कीमतों में उछाल ने औद्योगिक उत्पादन और ऊर्जा आयात पर होने वाले फ़िस्कल खर्च को प्रभावित किया

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · LNG आयात · मार्केट में उतार-चढ़ाव

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन्स ने हमला किया

चर्चा में क्यों: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन्स ने हमला किया, जिससे वहां आग लग गई और इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के बीच अमेरिकियों को परिसर से बाहर निकलना पड़ा।

रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन्स ने हमला किया है, इससे पहले कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले हुए थे। यह संघर्ष अब कम से कम नौ देशों और ईरान समर्थक विभिन्न समूहों तक फैल गया है, साथ ही इजरायली जमीनी सेना दक्षिणी लेबनान में प्रवेश कर गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यक्षेत्रीय संघर्ष अब कम से कम नौ देशों तक फैल गया है।
  • तथ्यपहले के हमलों में कुवैत में स्थित US सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय संघर्षों के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: राजनयिक मिशनों पर सीधे हमलों में बढ़ोतरी क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रही है
  • सिक्योरिटी डिलेमा: संघर्ष का 9 देशों तक फैलना मल्टीलैटरल मीडिएशन प्रयासों को जटिल बना रहा

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय अस्थिरता · डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी · रणनीतिक स्वायत्तता · ईरान समर्थक प्रॉक्सी · तनाव बढ़ने की गतिशीलता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

इरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बुधवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट देखी गई

चर्चा में क्यों: इरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बुधवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। इससे तेल की आपूर्ति में रुकावट और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बुधवार को BSE Sensex में 1,048 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद Nifty 24,850 के करीब बंद हुआ।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यBSE Sensex में गिरावट: बुधवार को 1,048 पॉइंट्स की कमी।
  • तथ्यNifty का क्लोजिंग लेवल: 24,850 के करीब।
  • स्थानईरान: US और इजरायली हमलों का लक्ष्य।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से भारत के राजकोषीय संतुलन और घरेलू महंगाई को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट के प्रति भारतीय महंगाई की उच्च संवेदनशीलता
  • राजकोषीय दबाव: कच्चे तेल के बढ़ते आयात खर्च से ट्रेड डेफिसिट बढ़ने की संभावना
  • मार्केट में उतार-चढ़ाव: जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण इक्विटी मार्केट में रिस्क से बचाव की स्थिति

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक जोखिम · महंगाई का दबाव · राजकोषीय संतुलन · तेल सप्लाई चेन · मार्केट में उतार-चढ़ाव

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता आवेदनों की भारी संख्या की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल में दो अतिरिक्त सशक्त समितियां गठित की हैं

चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता आवेदनों की भारी संख्या की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल में दो अतिरिक्त सशक्त समितियां गठित की हैं।

इन समितियों के अध्यक्ष भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी (Deputy Secretary) के पद से नीचे के रैंक वाले अधिकारी नहीं होते हैं। इनके सदस्यों में सबसिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (Subsidiary Intelligence Bureau), फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (Foreigners Regional Registration Officer), स्टेट इन्फॉर्मेटिक्स ऑफिसर (State Informatics Officer) और पोस्ट मास्टर जनरल (Post Master General) के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाCAA के तहत नागरिकता के आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) नोडल मंत्रालय है।
  • पदएम्पवर्ड कमिटीज़ (Empowered Committees) के अध्यक्ष भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी (Deputy Secretary) या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी होते हैं।
  • तथ्यइन कमेटियों में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (Subsidiary Intelligence Bureau) और फॉरेनर रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (Foreigners Regional Registration Officer) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उन राज्यों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के कार्यान्वयन में आने वाली प्रशासनिक और रसद संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए जहाँ आवेदनों की संख्या अत्यधिक है।

  • प्रशासनिक बाधा: भारी आवेदन संख्या के कारण वेरिफिकेशन के लिए विशेष सशक्त समितियों की ज़रूरत
  • इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्टेट इन्फॉर्मेटिक्स ऑफिसर्स के बीच सिंक्रोनाइज्ड डेटा शेयरिंग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: प्रशासनिक दक्षता · नागरिकता सत्यापन · इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन · वैधानिक कार्यान्वयन

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया

चर्चा में क्यों: अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और 150 जहाज वहां फंस गए।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के परिणामस्वरूप कम से कम पांच टैंकरों को नुकसान पहुँचा, दो लोगों की जान गई और 150 जहाज बीच में ही फंस गए। इस व्यवधान के बाद सोमवार को तेल की कीमतें 79.40 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गईं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा चोकपॉइंट (chokepoint)।
  • तथ्यरिपोर्ट की गई बंदी के बाद तेल की कीमतें $79.40 प्रति बैरल से ऊपर बढ़ गईं।
  • तथ्यइस बंदी के कारण क्षेत्र में कम से कम 150 जहाजों के फंसे होने की सूचना मिली।
मेन्स के लिए

प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा एवं समुद्री व्यापार मार्गों पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: वैश्विक तेल परिवहन का एक ही समुद्री चोकपॉइंट पर अत्यधिक केंद्रित होना
  • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय एनर्जी मार्केट प्रभावित
  • आर्थिक अस्थिरता: कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बदलाव से वैश्विक महंगाई और ट्रेड बैलेंस प्रभावित

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन में रुकावट · वैश्विक व्यापार

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

ईरान की IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद घोषित कर दिया है और आयतोलला अली खामेनेई पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में जहाजों और तेल पाइपलाइनों पर हमला करने की धमकी दी है

चर्चा में क्यों: ईरान की IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद घोषित कर दिया है और आयतोलला अली खामेनेई पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में जहाजों और तेल पाइपलाइनों पर हमला करने की धमकी दी है।

IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद घोषित कर दिया है और जहाजों एवं तेल पाइपलाइनों को निशाना बनाने की धमकी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग 20% हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग (transit route) है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यदुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरती है।
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग (oil transit route)।
  • पदअयतुल्लाह अली खमैनी: ईरान के सुप्रीम लीडर (Supreme Leader)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यवधानों के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: सप्लाई चेन में रुकावट के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल
  • भू-राजनीतिक तनाव: जवाबी हमलों के बाद क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा
  • समुद्री सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन के लिए गैर-राज्य और राज्य-आधारित खतरों का जोखिम

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी · प्रतिशोधी हमले · सप्लाई चेन में रुकावट

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस के फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (Future Combat Air System - FCAS) में भारत की भागीदारी का प्रस्ताव रखा और फ्रांस को भारत का पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर निर्यात करने पर चर्चा की

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस के फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (Future Combat Air System - FCAS) में भारत की भागीदारी का प्रस्ताव रखा और फ्रांस को भारत का पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर निर्यात करने पर चर्चा की।

भारत फ्रांस के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम (FCAS) में शामिल होने का प्रयास कर रहा है, साथ ही वह अपना स्वयं का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर प्रोग्राम (AMCA) भी आगे बढ़ा रहा है। इस प्रस्ताव में पिनक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को फ्रांस को निर्यात करने की संभावना भी शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकFCAS: फ्रांस का छठी पीढ़ी का फाइटर जेट प्रोग्राम।
  • विज्ञान-तकनीकAMCA: भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर (Stealth Fighter) प्रोग्राम।
  • तथ्यपिनाका (Pinaka): भारत का मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम जिसे फ्रांस को निर्यात करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: फ्रांस के साथ रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और छठी पीढ़ी के युद्ध परिदृश्य (sixth-generation warfare landscape) में उसकी क्षमताओं में किस प्रकार वृद्धि हो सकती है, चर्चा कीजिए।

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: स्वदेशी AMCA विकास और सहयोगी FCAS टेक्नोलॉजी अधिग्रहण के बीच संतुलन
  • रणनीतिक विविधीकरण: एडवांस एयरोस्पेस और मिसाइल सिस्टम के लिए सिंगल-सोर्स सप्लायर्स पर निर्भरता कम करना
  • निर्यात क्षमता: डिफेंस ट्रेड बैलेंस को मजबूत करने के लिए पिनाका सिस्टम के घरेलू निर्माण का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा सहयोग · छठी पीढ़ी का युद्ध · तकनीकी हस्तांतरण · रक्षा निर्यात

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

ड्रोन हमले के बाद QatarEnergy ने अपने रास लफ्फान (Ras Laffan) कॉम्प्लेक्स में उत्पादन रोक दिया है

चर्चा में क्यों: ड्रोन हमले के बाद QatarEnergy ने अपने रास लफ्फान (Ras Laffan) कॉम्प्लेक्स में उत्पादन रोक दिया है। इसके कारण 'फोर्स मेजेयोर' (force majeure) की घोषणा हुई है, जिससे वैश्विक LNG की कीमतों में भारी उछाल आया है।

दुनिया का सबसे बड़ा LNG उत्पादक, कतरएनर्जी (QatarEnergy) के रास लफ़ान कॉम्प्लेक्स में स्थित प्रोसेसिंग यूनिट्स को नुकसान पहुँचा है। उत्पादन रुकने से एशियाई बाजारों (बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान) और यूरोप पर इसका असर पड़ने की संभावना है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यकतरएनर्जी (QatarEnergy) दुनिया का सबसे बड़ा LNG उत्पादक है।
  • स्थानरस लाफ़ान कॉम्प्लेक्स (Ras Laffan complex) कतर में एक प्रमुख LNG एक्सपोर्ट हब है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव और एलएनजी (LNG) आपूर्ति के झटकों के प्रति दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की संवेदनशीलता का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: मिडिल ईस्ट से LNG पर भारी निर्भरता दक्षिण एशियाई आयातकों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव पैदा करती है
  • भू-राजनीतिक जोखिम: वैश्विक ऊर्जा व्यापार मार्गों को बाधित करने के लिए ड्रोन आधारित बुनियादी ढांचा हमले एक हथियार के रूप में

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · फोर्स मेज्योर · LNG मार्केट में उतार-चढ़ाव · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस

GS2 के अन्य विषय

राजव्यवस्था एवं संविधान · शासन · सामाजिक न्याय

दैनिक संग्रह →साप्ताहिक और मासिक पीडीएफ →