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भाग I · स्था. 11.2025 
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सारनाथ बना भारत की 45th UNESCO World Heritage Site

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· धरोहर स्थल, UNESCO एवं GI टैग· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित UNESCO विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र के दौरान, सारनाथ को आधिकारिक रूप से भारत की 45वीं UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में सम्मिलित किया गया।

पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश में स्थित सारनाथ वह स्थल है जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। यह 1998 से ही UNESCO की संभावित सूची में सम्मिलित है और बौद्ध सर्किट का एक प्रमुख घटक है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानसारनाथ: उत्तर प्रदेश में स्थित, यह बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्थल है।
  • संस्थाUNESCO विश्व धरोहर समिति: जुलाई 2026 में दक्षिण कोरिया के बुसान में अपना 48वां सत्र आयोजित किया।
  • तथ्यसारनाथ भारत की 45वीं UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।
  • तथ्यAPAAR ID: National Education Policy 2020 के तहत छात्रों के लिए एक विशिष्ट पहचानकर्ता (Unique identifier)।
  • स्थानविझिंजम बंदरगाह (Vizhinjam Port): केरल में स्थित, इसे 18 अगस्त, 2026 से संचालन के लिए एक सीमा शुल्क बंदरगाह (customs port) के रूप में अधिसूचित किया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय विरासत स्थलों के लिए सांस्कृतिक कूटनीति और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थिति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।