कर्नाटक हाई कोर्ट ने हेल्थ सिक्योरिटी सेस एक्ट को असंवैधानिक करार दिया
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 'स्वास्थ्य सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम' (Health Security National Security Cess Act) को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने यह निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि वास्तविक उत्पादन के बजाय अनुमानित उत्पादन क्षमता पर उपकर (Cess) लगाना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
पृष्ठभूमि
न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि वास्तविक उत्पादन के स्थान पर मशीन क्षमता के आधार पर उपकर (cess) की गणना करने की केंद्र सरकार की पद्धति अनुचित थी। यद्यपि न्यायालय ने उपकर अधिरोपित करने की सरकार की शक्ति को बरकरार रखा, तथापि उसने इस अधिनियम के विशिष्ट कार्यान्वयन को असंवैधानिक घोषित किया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संविधानअनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण की गारंटी देता है।
- तथ्यउच्च कर चोरी और प्रतिकूल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावों के कारण इस अधिनियम ने पान मसाला क्षेत्र को लक्षित किया।
- संस्थाकर्नाटक उच्च न्यायालय: केंद्रीय विधान का न्यायिक पुनरावलोकन (judicial review) करने वाला राज्य उच्च न्यायालय।
मेन्स के लिए
Q. उत्पादन क्षमता के आधार पर कर लगाने की व्यवस्था बनाम वास्तविक उत्पादन के आधार पर कर लगाने की व्यवस्था की संवैधानिक वैधता और राजकोषीय समता पर इसके निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Fiscal inequity: Taxing idle machine capacity penalizes manufacturers without actual commercial activity.
- Judicial oversight: Role of High Courts in ensuring legislative execution aligns with the principle of reasonableness.
- Revenue leakage: Balancing the need to curb tax evasion in high-impact sectors with constitutional protections.
कीवर्ड: Article 14 · Fiscal Equity · Judicial Review · Reasonableness · Taxation Policy
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