सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
India's Ground Truth Record
Pull to refresh
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

DRDO की 'Kusha' मिसाइल ने पहले टेस्ट में लक्ष्य को भेदा, डिफेंस इंडिपेंडेंस को मिलेगी मजबूती

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Defence technology· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

भारत की रणनीतिक रक्षा स्वायत्तता को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से DRDO ने 'Kusha' लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) का प्रथम उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया।

पृष्ठभूमि

'कुशा' मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) है। इसने 24 जुलाई, 2026 को अपने प्रथम उड़ान परीक्षण के दौरान उच्च गति वाले हवाई खतरे का अनुकरण करने वाले एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकKusha: DRDO द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM)।
  • तथ्यKusha मिसाइल की मारक क्षमता: 200 किमी से अधिक।
  • स्थानAPJ Abdul Kalam Island: ओडिशा के तट पर स्थित एक परीक्षण स्थल।
  • संस्थाDRDO: Defence Research and Development Organisation, रक्षा मंत्रालय की R&D शाखा।

मेन्स के लिए

Q. 'कुशा' जैसी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों के स्वदेशी विकास ने रक्षा क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दिया है, चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Strategic autonomy: Reducing reliance on foreign OEMs for high-tech missile systems and critical components
  • R&D ecosystem: Strengthening the domestic defense industrial base through DRDO-led indigenous technology transfer
  • Geopolitical leverage: Enhancing capability to protect strategic assets against high-speed aerial threats in contested zones

कीवर्ड: Strategic Autonomy · Atmanirbhar Bharat · Defense R&D · Surface-to-Air Missile · Indigenous Technology

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →स्रोत: Indian Express ↗

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स

सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स →

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।