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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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सिंधु जल संधि को फिर से शुरू करने के लिए पाकिस्तान ने कनाडा से मदद मांगी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री ने भारत के साथ सिंधु जल संधि (IWT) को पुनर्जीवित करने के लिए कनाडा से हस्तक्षेप की मांग की है, जो वर्तमान में सीमा पार आतंकवाद के कारण लंबित है।

पृष्ठभूमि

सिंधु जल संधि (IWT) पर वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के मध्य हस्ताक्षर किए गए थे। पाकिस्तान से संबंधित एक आतंकवादी हमले के पश्चात भारत ने इस संधि के कार्यान्वयन को स्थगित कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादियों के विरुद्ध विश्वसनीय कार्रवाई होने तक यह संधि रोक पर रहेगी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनसिंधु जल संधि (IWT): भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षरित एक जल-साझाकरण संधि।
  • तथ्ययह संधि तीन बारहमासी नदियों—सिंधु, चिनाब और झेलम के वितरण को नियंत्रित करती है (पूर्वी नदियाँ भारत को; पश्चिमी नदियाँ पाकिस्तान को)।
  • पदअनीता आनंद: कनाडा की राष्ट्रीय रक्षा मंत्री (नोट: लेख में उन्हें विदेश मंत्री बताया गया है, लेकिन वे रक्षा मंत्री हैं)।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में सीमा पार आतंकवाद और जल कूटनीति के अंतर्संबंधों का परीक्षण कीजिए। क्या अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता जल-राजनीतिक विवादों को प्रभावी ढंग से हल कर सकती है? विश्लेषण कीजिए।

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗यह भी: GS3 · आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।