महंगाई 5.65% पर पहुंची फिर भी RBI ने ब्याज दरें 5.25% पर रखी
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चर्चा में क्यों
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति के 5.65% तक बढ़ने के अनुमान के बावजूद, रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के पक्ष में सर्वसम्मति से मतदान किया।
पृष्ठभूमि
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी नवीनतम बैठक में 'तटस्थ' रुख बनाए रखा। यह निर्णय मुद्रास्फीति के बढ़ते पूर्वानुमान (5.65%) तथा ऊर्जा की कीमतों, मानसून के प्रभावों और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि से संबंधित चिंताओं के बीच लिया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाMPC: Monetary Policy Committee वह निकाय है जो भारत में आधार ब्याज दरों (benchmark interest rates) को निर्धारित करने के लिए उत्तरदायी है।
- तथ्यRepo Rate: नवीनतम RBI नीति घोषणा के अनुसार 5.25% पर बनाए रखा गया है।
- तथ्यमुद्रास्फीति पूर्वानुमान: चालू कैलेंडर वर्ष के अंत तक 5.65% तक पहुँचने का अनुमान है।
- विज्ञान-तकनीकनकारात्मक वास्तविक ब्याज दरें (Negative Real Interest Rates): तब होती हैं जब मुद्रास्फीति की दर नाममात्र की ब्याज दर से अधिक हो जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक मौद्रिक अस्थिरता के बीच मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को समर्थन देने के 'दोहरे अधिदेश' (dual mandate) के बीच संतुलन बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
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