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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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स्काईरूट के विक्रम-1 रॉकेट ने ऑर्बिट में पहुंचकर भारत को बनाया तीसरा देश

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Space technology (ISRO, missions)· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

Skyroot Aerospace ने सफलतापूर्वक विक्रम-1 रॉकेट को 450 किमी की कक्षा में प्रक्षेपित किया है, जिससे भारत स्वतंत्र रूप से कक्षीय प्रक्षेपण करने में सक्षम निजी उद्योग वाले तीसरा देश बन गया है।

पृष्ठभूमि

विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण 18 जुलाई, 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित ISRO के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से किया गया। इसके 'रमन इंजन' के निर्माण में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे पारंपरिक फोर्जिंग की तुलना में घटकों की संख्या और उत्पादन समय में 80% की कमी आई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकAdditive Manufacturing: एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें लेजर की सहायता से धातु के पाउडर को पिघलाकर परतों के आधार पर पुर्जों का निर्माण किया जाता है।
  • तथ्यVikram-1 Orbit: 18 जुलाई, 2026 को सफलतापूर्वक पेलोड को 450 km की कक्षा में स्थापित किया गया।
  • संस्थाSkyroot Aerospace: हैदराबाद स्थित एक निजी भारतीय एयरोस्पेस फर्म।
  • तथ्यRaman Engine: एक 3D-printed इंजन जिसने पारंपरिक इंजेक्टर घटकों के द्रव्यमान (mass) को आधा कर दिया।

मेन्स के लिए

Q. भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की भागीदारी के महत्व और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में स्वदेशी विनिर्माण प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Technological leap: Additive manufacturing reduces mass and production lead time by 80% compared to traditional forging.
  • Market liberalization: Transition from state-led to private-led orbital launches mirrors global trends in space economy.
  • Infrastructure synergy: Utilization of ISRO's First Launch Pad facilitates public-private partnerships in space exploration.

कीवर्ड: Space Economy · Additive Manufacturing · Self-reliance · Orbital Launch · Public-Private Partnership

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।