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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· Population, demography & migration· Prelims·

चर्चा में क्यों

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 2027 की जनगणना के स्व-गणना (self-enumeration) चरण का शुभारंभ किया और इसके लिए एक डिजिटल पंजीकरण तंत्र पेश किया।

पृष्ठभूमि

2027 की जनगणना का स्व-गणना (self-enumeration) चरण 31 जुलाई, 2026 तक सक्रिय रहेगा। सुरक्षित और सटीक डेटा संग्रहण सुनिश्चित करनेके लिए, नागरिक पहली बार एक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य2027 की जनगणना का स्व-गणना (self-enumeration) चरण 31 जुलाई, 2026 को समाप्त होने वाला है।
  • विज्ञान-तकनीक2027 की जनगणना सुरक्षित नागरिक पंजीकरण के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप पेश करती है।
  • पदलॉन्च के दौरान, राजेंद्र विश्वनाथ अरलेकर राज्य के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।

मेन्स के लिए

Q. जनगणना में डिजिटल स्व-गणना (digital self-enumeration) की ओर संक्रमण किस प्रकार डेटा की सटीकता को बढ़ा सकता है, तथा इस प्रक्रिया में डेटा गोपनीयता और डिजिटल विभाजन से संबंधित चिंताओं के समाधान के उपायों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Data Integrity: Reducing human error and reporting bias through direct citizen-led digital inputs.
  • Digital Divide: Risk of under-representation of rural and elderly populations with limited internet access.
  • Privacy Framework: Balancing the need for granular demographic data with individual right to data protection.

कीवर्ड: Demographic data · Digital inclusion · Data privacy · Self-enumeration · Census methodology

पूरी खबर पढ़ें →स्रोत: The Hindu ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।