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भाग I · स्था. 11.2025 
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने भारतीय शहरों में महिला श्रम शक्ति भागीदारी में वृद्धि दर्ज की है

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· Urbanisation· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने भारतीय शहरों में महिला श्रम शक्ति भागीदारी में वृद्धि दर्ज की है, जो शहरी कार्यबल में लैंगिक समानता के मार्ग में मौजूद निरंतर संरचनात्मक बाधाओं को रेखांकित करती है।

पृष्ठभूमि

भारत के दस लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों में महिला श्रम बल भागीदारी 2017-18 में 19.8% से बढ़कर 2025 में 27.2% हो गई है। इस वृद्धि के बावजूद, पुरुष भागीदारी दर की तुलना में लैंगिक अंतराल अभी भी महत्वपूर्ण रूप से बना हुआ है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यमिलियन-प्लस शहरों में महिला श्रम बल भागीदारी: 2025 तक 27.2%।
  • तथ्यमिलियन-प्लस शहरों में महिला श्रम बल भागीदारी: 2017-18 में 19.8%।
  • संस्थाNational Statistics Office (NSO) इन श्रम आंकड़ों की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार निकाय है।

मेन्स के लिए

Q. भारत में श्रम बाजार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रुझानों के बावजूद, शहरी श्रम बाजारों में उनकी पूर्ण भागीदारी को बाधित करने वाले संरचनात्मक और सामाजिक-आर्थिक अवरोधों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Mobility and Safety: Inadequate last-mile connectivity and unsafe public transport limiting women's access to diverse employment hubs
  • Financial Exclusion: Institutional bias and lack of collateral access hindering women's ability to secure capital for entrepreneurship

कीवर्ड: Gender Parity · Urban Labor Dynamics · Structural Barriers · Economic Inclusion · Socio-economic Mobility

पूरी खबर पढ़ें →स्रोत: Indian Express ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।