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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दहेज एक 'क्रॉस-कल्चरल इविल' (cross-cultural evil) है जो महिलाओं के अधिकारों और संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· मेन्स·

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दहेज एक 'क्रॉस-कल्चरल इविल' (cross-cultural evil) है जो महिलाओं के अधिकारों और संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, और इसे अक्सर उपहार या सामाजिक अपेक्षाओं के रूप में छिपाया जाता है।

पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति संजय करोल ने इस निर्णय की अध्यक्षता की और उल्लेख किया कि सामाजिक स्थिति बनाए रखने के लिए दहेज का उपयोग किया जाता है और यह शहरी क्षेत्रों के मुस्लिम परिवारों में प्रचलित हो गया है। कोर्ट ने सरकार और राज्यों को शैक्षिक सुधारों और दहेज के मामलों के त्वरित निपटान के माध्यम से इस मुद्दे को हल करने का आदेश दिया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदजस्टिस संजय करोल ने दहेज पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लिखा।
  • तथ्यकोर्ट ने दहेज को अक्सर 'गिफ्ट्स' या सामाजिक अपेक्षाओं के रूप में छिपाए जाने वाले अभ्यास के रूप में पहचाना।
  • तथ्यकोर्ट ने शहरी मुस्लिम परिवारों में पारंपरिक प्रथाओं जैसे मेहर (Mehr) के विकल्प के रूप में दहेज के प्रचलन पर ध्यान दिया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में कानूनी निषेध के बावजूद दहेज प्रथा की निरंतरता किस प्रकार लैंगिक समानता के मार्ग में गहरी सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को प्रतिबिंबित करती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सामाजिक सामान्यीकरण: कानूनी जांच से बचने के लिए दहेज को 'गिफ्ट' के रूप में बदलना
  • संस्थागत बाधा: दहेज से जुड़े आपराधिक मामलों के निपटारे में देरी
  • सांस्कृतिक बदलाव: शहरी इलाकों में मेहर जैसी पारंपरिक प्रथाओं की जगह दहेज का चलन

मुख्य शब्द: संवैधानिक सिद्धांत · लैंगिक समानता · सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाएं · कानूनी रोक · शिक्षा सुधार

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · महिलाएं एवं लैंगिक मुद्देयह भी: GS2 · संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचा

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।