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India's Ground Truth Record
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भाग I · स्था. 11.2025 
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सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भारत में गहराता जल संकट: आधुनिक शहरीकरण की भेंट चढ़ी पुरानी तकनीकें

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· Distribution of natural resources· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

यह रिपोर्ट भारत में जल की तीव्र कमी और तीव्र शहरीकरण के कारण पारंपरिक वर्षा जल संचयन प्रणालियों के ह्रास को रेखांकित करती है, जो जल शक्ति अभियान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को प्रेरित करती है।

पृष्ठभूमि

भारत विश्व की 18% जनसंख्या का समर्थन करता है, किंतु इसके पास वैश्विक मीठे जल संसाधनों का केवल 4% हिस्सा है। प्राचीन तकनीकें बाढ़ चक्रों के प्रबंधन और भूजल पुनर्भरण हेतु परस्पर जुड़े हुए जलाशयों का उपयोग करती थीं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यवैश्विक मीठे पानी में भारत की हिस्सेदारी: 4%।
  • तथ्यविश्व जनसंख्या में भारत की हिस्सेदारी: 18%।
  • योजनाजल शक्ति अभियान: जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के लिए सरकारी पहल।
  • स्थानIIT Bombay: जल संसाधन अनुसंधान में शामिल शैक्षणिक संस्थान।

मेन्स के लिए

Q. भारत में तीव्र शहरीकरण ने पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों को किस प्रकार प्रभावित किया है, इस पर चर्चा कीजिए और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राचीन ज्ञान को आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ एकीकृत करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Urban planning friction: Encroachment on natural catchments and wetlands by unplanned residential expansion
  • Groundwater depletion: Over-extraction for urban consumption exceeding natural recharge rates
  • Policy integration: Need for mandatory rainwater harvesting in building bylaws for all urban developments

कीवर्ड: Water Scarcity · Rainwater Harvesting · Urbanization · Groundwater Depletion · Jal Shakti Abhiyan · Sustainable Water Management

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: NDTV ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।